कमेटी ऑफ ग्रुप ऑफ ऑफिसर्स (सीजीओ) ने 13 नवंबर को हुई बैठक में हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) को बंद करने की सिफारिश की थी। इसी संदर्भ में वित्त मंत्रालय ने भारी उद्योग मंत्रालय को एनेक्सर-2 के तहत एचईसी को बंद करने से संबंधित अपडेटेड बैकग्राउंड नोट तैयार करने का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने इस प्रक्रिया में सार्वजनिक उद्यम विभाग से सहयोग लेने की भी सलाह दी है।
एचईसी पिछले सात वर्षों से लगातार घाटे में है। कंपनी की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और इसकी कुल देनदारी 4300 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। 31 मार्च 2025 तक कंपनी की वित्तीय देनदारी 2067 करोड़ रुपये थी, जबकि कार्यशील पूंजी 1594 करोड़ रुपये के नकारात्मक स्तर पर आ गई। नेटवर्थ भी नकारात्मक है। वर्तमान में एचईसी कर्मचारियों को वेतन देने और कच्चे माल की खरीद करने में सक्षम नहीं है।
यह ध्यान देने योग्य है कि अगस्त 2021 में कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली सचिव समूह समिति ने भी एचईसी को बंद करने की सिफारिश की थी। इसके अलावा, 2023 में एनआईटीई आयोग, भारी उद्योग मंत्रालय, सार्वजनिक उद्यम विभाग और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों वाली समिति ने भी कंपनी को बंद करने का सुझाव दिया था।
एचईसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) के.सी. मूर्ति ने कहा कि किसी भी हालत में मशीनों को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने नई दिल्ली में भेल मुख्यालय में हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह से बातचीत में स्पष्ट किया कि उत्पादन बढ़ने से बिक्री में वृद्धि होगी, जिससे वेतन और अन्य खर्च पूरे किए जा सकेंगे। सीएमडी ने ठेका कामगारों के लंबित टेंडर तुरंत जारी करने और जुलाई से लंबित 72 ठेका कर्मियों का वेतन जल्द भुगतान करने का आश्वासन भी दिया।
भारतीय मजदूर संघ की तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक में एचईसी के मुद्दे पर विशेष चर्चा हुई। इस बैठक में विभिन्न यूनिटों से आए 150 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान एचईसी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया, जो जल्द ही संबंधित मंत्रियों से मुलाकात कर समाधान की पहल करेगी। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। बैठक में एचईसी की वर्तमान स्थिति और भविष्य पर गंभीर चर्चा हुई और जल्द ही समाधान के प्रयास तेज करने का आश्वासन दिया गया।