रांची में जल संकट को लेकर सदन में हंगामा, जर्जर पाइपलाइन और समन्वय की कमी बनी बड़ी वजह
रांची में जल संकट को लेकर सदन में हंगामा, जर्जर पाइपलाइन और समन्वय की कमी बनी बड़ी वजह
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में राजधानी रांची की खराब जलापूर्ति व्यवस्था प्रमुख मुद्दा बनकर उभरी। वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने सदन में यह मामला उठाते हुए नगर निगम क्षेत्र में पानी की कमी और विभागीय लापरवाही पर सरकार को घेरा।
सवाल के जवाब में संबंधित मंत्री ने स्वीकार किया कि शहर के कई हिस्सों में अब भी दशकों पुरानी पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। लगभग 55 वर्ष पुरानी ये पाइपलाइनें अब जर्जर हो चुकी हैं, जिसके चलते बार-बार लीकेज और क्षति की समस्या सामने आती है। इसका सीधा असर शहर के कई वार्डों में नियमित और स्वच्छ पानी की आपूर्ति पर पड़ रहा है।
चर्चा के दौरान सीपी सिंह ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग अपनी शिकायत लेकर संबंधित इंजीनियर से संपर्क करते हैं, तो उन्हें एक-दूसरे विभाग या जोन के पास भेजकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।
रुक्का डैम से जलापूर्ति में बाधा को लेकर भी विधायक ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अक्सर बिजली आपूर्ति में कमी का हवाला देकर पंपिंग न होने की बात कही जाती है, लेकिन असल समस्या विभागों के बीच तालमेल की कमी है। इन कारणों से शहर के लोग लगातार पानी की किल्लत झेलने को मजबूर हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस समस्या के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जल्द ही एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विधायक सीपी सिंह को भी शामिल किया जाएगा।
सरकार ने संकेत दिया कि इस बैठक में जमीनी स्तर की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर समाधान तय किए जाएंगे। साथ ही पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और बिजली आपूर्ति से जुड़े समन्वय को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, ताकि शहरवासियों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।