रांची जिला प्रशासन ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान और पेंशन प्रक्रिया को सरल, त्वरित और मानवीय बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल की है। इसी क्रम में समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में पेंशन दरबार सह सेवा निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने की।
इस आयोजन का उद्देश्य उन शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित करना था, जिन्होंने वर्षों तक शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में अपना योगदान दिया, साथ ही यह सुनिश्चित करना था कि सेवानिवृत्ति के दिन ही उन्हें सभी पेंशनरी लाभ उपलब्ध कराए जाएं। जिला प्रशासन का मानना है कि समय पर पेंशन भुगतान और सम्मानजनक विदाई से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है।
समारोह के दौरान उपायुक्त ने 12 सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ-साथ एक आदेशपाल और एक प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को शॉल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की आधारशिला होते हैं और उनके मार्गदर्शन से ही भावी पीढ़ी का निर्माण होता है। उन्होंने इसे प्रशासन की बड़ी उपलब्धि बताया कि सेवानिवृत्ति के साथ ही सभी रिटायरमेंट लाभ दिए जा सके।
उपायुक्त ने सेवानिवृत्त कर्मियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे स्वस्थ रहें, सक्रिय जीवन जिएं और अनुभव के माध्यम से समाजसेवा से जुड़े रहें। उन्होंने ईश्वर से सभी के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना भी की।
कार्यक्रम की सफलता के लिए उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज और शिक्षा विभाग की टीम की सराहना की। समारोह में शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सम्मान पाने वालों में प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और आदेशपाल शामिल थे। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों ने इस पहल को सम्मानजनक, संवेदनशील और प्रेरक बताते हुए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन स्पष्ट करता है कि रांची जिला प्रशासन शिक्षकों की गरिमा, अधिकार और योगदान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है, जिससे प्रशासन और कर्मचारियों के बीच भरोसे का रिश्ता और मजबूत हो रहा है।