रांची से लापता करन-अर्जुन पुरी से बरामद, सरकार की बढ़ गई थी टेंशन? बड़ा खुलासा, बीजेपी ने दी थी चेतावनी...

रांची से लापता हुए जुड़वा भाई 'करन और अर्जुन' वापस घर लौट आए हैं। पुलिस ने दोनों भाई को ओडिशा के पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है।

रांची से लापता करन-अर्जुन पुरी से बरामद, सरकार की बढ़ गई थी टेंशन? बड़ा खुलासा, बीजेपी ने दी थी चेतावनी...
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Jun 14, 2026, 6:02:00 PM

फिल्म 'करन-अर्जुन' में आप सभी ने देखा होगा कि दोनों भाई बिछड़ते हैं और फिर लौट आते हैं। ऐसा ही मामला झारखंड से आया है, जहां रांची से लापता हुए जुड़वा भाई 'करन और अर्जुन' वापस घर लौट आए हैं। पुलिस ने दोनों भाई को ओडिशा के पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है। ऐसे में पुलिस ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह राजनीतिक मुद्दा भी बन गया था और विपक्ष सरकार को घेर रही थी।   

 'करन-अर्जुन' मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।  इस मामले को अपहरण से जोड़कर देखा जा रहा था।  लेकिन दोनों बच्चे अपनी मर्जी से घर छोड़कर भागे थे। बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस तलाश में जुटी थी और लगातार खोजबीन जारी थी। 

 खोजबीन के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दोनों बच्चे ओडिशा जाने वाली ट्रेन में बैठे।  जिसके बाद पुलिस टीम ओडिशा के लिए रवाना हुई और पुरी पहुंची।  पुलिस ने वहां पुलिस और इंटेलिजेंस की मदद से करण और अर्जुन को सुरक्षित खोज निकाला। 

पुलिस के अनुसार अर्जुन ने बताया कि उसे अपने भाई करण और दोस्त शिवा को समंदर देखने की इच्छा थी।  इसलिए उन तीनों ने प्लान बनाया और घर में बिना किसी को बताए समंदर देखने के लिए निकल पड़े। वे तीनों पुरी पहुंचने के बाद समंदर के किनारे और जगन्नाथ मंदिर के आसपास घूमे। लेकिन जेब के पैसे धीरे-धीरे खत्म हो गए, तो वह तीनों पेट भरने के लिए मांगकर खाने लगे। 

पुलिस के मुताबिक वे तीनों बच्चे इतने चालाक थे कि पुरी रेलवे स्टेशन पर जब रेलवे पुलिस को इन बच्चों पर शक हुआ और उन्होंने रोका और पूछताछ की। तो इन बच्चों ने पुलिस को चकमा देते हुए अपना असली नाम नहीं बताया और खुद को अनाथ बताते हुए पुरी का ही स्थानीय निवासी बता दिया। इससे वह तीनों वापस घर भेजे जाने से बच गए।

बता दें कि दोनों भाई करण, अर्जुन और उसका दोस्त शिवा 1 जून 2026 को घर से लापता थे। तीनों घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे तो परिजाओं ने खोजबीन शुरू कर दी। आखिर जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने धुर्वा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इन बच्चों की सूचना देने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की थी। वहीं इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने बच्चों के परिजनों से मिलकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया था। साथ ही बच्चों की बरामदगी नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी थी।