रांची सदर अस्पताल बनेगा डिजिटल नवजात एवं टेलीमेडिसिन सेवाओं का केंद्र, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारी
रांची सदर अस्पताल बनेगा डिजिटल नवजात एवं टेलीमेडिसिन सेवाओं का केंद्र, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारी
झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। रांची सदर अस्पताल को राज्यस्तरीय टेली एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) हब तथा ई-संजीवनी हब सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य नवजात शिशुओं के उपचार और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श की उपलब्धता को मजबूत बनाना है।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग का मानना है कि रांची सदर अस्पताल में पहले से संचालित टेली-रेडियोलॉजी और टेली-आईसीयू सेवाओं के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और बढ़ाया जाना चाहिए।
योजना के तहत रांची सदर अस्पताल को केंद्रीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित नवजात शिशु देखभाल इकाइयों को जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक दूर बैठे गंभीर रूप से बीमार नवजातों की स्थिति पर नजर रख सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करा सकेंगे।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए रांची के सिविल सर्जन को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है। प्रस्ताव में तकनीकी ढांचे, संसाधनों और संचालन व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
दूसरी ओर, ई-संजीवनी हब के संचालन से ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के मरीजों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। वीडियो आधारित परामर्श व्यवस्था के जरिए मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे संपर्क कर सकेंगे, जिससे उन्हें इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर बार-बार नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों में कमी आएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस पहल से नवजात चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी। सरकार की प्राथमिकता राज्य के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है, और रांची सदर अस्पताल को डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।