रांची नगर निगम का बड़ा एक्शन, बड़े बकायेदारों को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

रांची नगर निगम का बड़ा एक्शन, बड़े बकायेदारों को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

रांची नगर निगम का बड़ा एक्शन, बड़े बकायेदारों को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 01, 2026, 1:46:00 PM

रांची नगर निगम ने राजस्व वसूली को लेकर अब कड़ा कदम उठाया है। नगर निगम प्रशासन ने राजधानी के ऐसे 100 बड़े संपत्ति कर बकाएदारों की पहचान की है, जिन्होंने लंबे समय से टैक्स का भुगतान नहीं किया है। निगम ने इन सभी को सात दिनों की अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि तय समय-सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के अनुसार, इन बकाएदारों पर अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक का कर बकाया है। भुगतान में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 187(2), 512, 600 और 608 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, कुर्की और अन्य सख्त कदम शामिल हो सकते हैं।

निगम की दो टूक चेतावनी

नगर निगम ने साफ कहा है कि सात दिनों के भीतर पूरा बकाया जमा करना अनिवार्य होगा। यदि किसी भी स्तर पर टालमटोल की गई, तो प्रशासन सीधे कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगा। यह अभियान खासतौर पर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, हॉस्पिटल, मॉल, होटल, हॉस्टल और बैंक जैसे संस्थानों पर केंद्रित है।

शीर्ष बकाएदारों की सूची

नगर निगम द्वारा जारी सूची के अनुसार, सबसे अधिक बकाया हेल्थ प्वाइंट पर है, जिस पर करीब 6.60 लाख रुपये का टैक्स लंबित है। इसके बाद प्रधान टावर और सिटी मॉल पर 4.50 लाख रुपये-4.50 लाख रुपये का बकाया दर्ज है।
कुमार गर्ल्स हॉस्टल पर 4.20 लाख रुपये, जबकि ट्वीन टावर पर 2.50 लाख रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है।

इसके अलावा एलजी कॉम्प्लेक्स (ए, बी, सी), मालाबार कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, सिंघल हॉस्पिटल, सुजाता पिक्चर पैलेस, पांडेय नर्सिंग होम, इंदिरा हॉस्पिटल, प्लाजा सिनेमा हॉल, सेवन डे एडवेंटिस्ट स्कूल, नंदन हॉस्टल, जेटी बैंक्वेट हॉल, अवध वाटिका, मंत्री रेसिडेंसी, गोपाल मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स, श्रीलोक कॉम्प्लेक्स, आर्किट मॉल, पंचवटी प्लाजा, संजीवनी मेडिकल सेंटर, श्री साईं टावर, जगन्नाथ टावर, मुंडू नर्सिंग होम, न्यू डेली मार्केट और सीआईपीईटी जैसे प्रतिष्ठानों पर 2.25 लाख रुपये के आसपास का बकाया बताया गया है।

सूची में कई हॉस्पिटल, बैंक्वेट हॉल, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, बैंक और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स शामिल हैं, जिन पर 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये से अधिक तक का टैक्स बकाया है। इनमें होटल राजधानी, होटल कोणार्क, होटल गुरु, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एनटीपीसी, रॉक गार्डेन, विभिन्न रेस्टोरेंट और अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स भी शामिल हैं।

राजस्व वसूली को लेकर सख्ती

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति कर शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए अहम स्रोत है। लंबे समय से टैक्स नहीं देने वालों के कारण निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए अब बकाएदारों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया है।

नगर निगम ने सभी चिन्हित संस्थानों और भवन स्वामियों से अपील की है कि वे समय रहते बकाया राशि का भुगतान कर लें, ताकि किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। यह कदम आने वाले दिनों में निगम की राजस्व स्थिति को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।