रांची की तीन बेटियों ने बढ़ाया झारखंड का मान, भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम में मिली जगह

रांची की तीन बेटियों ने बढ़ाया झारखंड का मान, भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम में मिली जगह

रांची की तीन बेटियों ने बढ़ाया झारखंड का मान, भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम में मिली जगह
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 12, 2026, 1:04:00 PM

रांची के बरियातू स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय सह आवासीय हॉकी प्रशिक्षण केंद्र की तीन युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नीलम टोपनो, सुगन सांगा और खिली कुमारी का चयन भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम में हुआ है। ये खिलाड़ी भोपाल में 15 से 20 मई के बीच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आयोजित होने वाली टेस्ट सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। फिलहाल तीनों खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास कर रही हैं।

इन खिलाड़ियों की उपलब्धि को राज्य में महिला हॉकी के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। सीमित सुविधाओं के बीच लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया है। प्रशिक्षण केंद्र की कोच करुणा पूर्ति ने कहा कि इन बेटियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनके अनुसार यह सफलता बताती है कि झारखंड में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही प्रशिक्षण और अवसर की है।

विद्यालय के प्राचार्य दीपक कुमार ने भी इस उपलब्धि पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं। उनके मुताबिक इन खिलाड़ियों का चयन उन धारणाओं को भी चुनौती देता है, जिनमें बड़े मंच तक पहुंचने के लिए केवल निजी संस्थानों को ही बेहतर माना जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी।

बरियातू स्थित यह प्रशिक्षण केंद्र पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी तैयार कर चुका है। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान निक्की प्रधान और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ब्यूटी डुंगडुंग भी इसी केंद्र से निकलकर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अब नीलम, सुगन और खिली को महिला हॉकी की नई पीढ़ी के रूप में देखा जा रहा है।

इन तीनों खिलाड़ियों ने हाल ही में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उनके योगदान से झारखंड टीम लगातार तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रही थी। उसी प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर इन पर पड़ी और अब इन्हें भारतीय टीम में जगह मिली है।

तीनों खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय कोच, शिक्षकों और प्रशिक्षण केंद्र को दिया है। उनका कहना है कि उनका अगला लक्ष्य भारतीय सीनियर महिला हॉकी टीम में स्थान बनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना है। उनकी सफलता उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन रही है, जो छोटे शहरों और सरकारी स्कूलों से निकलकर बड़े सपने देखती हैं।