रांची : पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में झारखंड का बड़ा कदम, मुखिया सम्मेलन में CM ने दिया विकास का संदेश

रांची : पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में झारखंड का बड़ा कदम, मुखिया सम्मेलन में CM ने दिया विकास का संदेश

रांची : पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में झारखंड का बड़ा कदम, मुखिया सम्मेलन में CM ने दिया विकास का संदेश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 24, 2026, 3:07:00 PM

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर झारखंड में ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय स्वशासन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। राजधानी रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह कार्यक्रम दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया था।

इस आयोजन का केंद्र बिंदु उन पंचायतों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंचायतों को लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव बताते हुए कहा कि गांवों के विकास में उनकी भूमिका निर्णायक है। उन्होंने बेहतर प्रशासन, आधारभूत ढांचे के विस्तार और जनहित के कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। साथ ही, इन सफल प्रयासों को अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही, ताकि व्यापक स्तर पर विकास को गति मिल सके।

कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने भी भाग लिया और पंचायतों को अधिक अधिकार देने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने 73वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने भी ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से सभी पंचायतों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचारों और विकास कार्यों के अनुभव साझा किए। सरकार द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहन राशि के रूप में लाखों रुपये दिए जाते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और विकास की रफ्तार बनी रहे।