राजधानी में वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, भाजपा नेता समेत तीन गिरफ्तार

राजधानी में वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, भाजपा नेता समेत तीन गिरफ्तार

राजधानी में वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, भाजपा नेता समेत तीन गिरफ्तार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 15, 2026, 10:08:00 AM

राजधानी रांची में वन्यजीव तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। वन विभाग और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त कार्रवाई में मॉनिटर लिजार्ड, जिसे स्थानीय भाषा में गोह कहा जाता है, के अंगों के साथ तीन लोगों को पकड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें शहर के एक होटल में अवैध वन्यजीव व्यापार की गतिविधियों की जानकारी मिली थी।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजीव रंजन मिश्रा (64), अविनाश आनंद (32) और अरुण राम के रूप में हुई है। तीनों रांची के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद शहर में वन्यजीव तस्करी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

वन विभाग को 14 मई की सुबह सूचना मिली थी कि मेन रोड स्थित डेली मार्केट के पीछे मौजूद नटराज होटल में कुछ लोग संदिग्ध परिस्थितियों में ठहरे हुए हैं और वन्यजीव अंगों की खरीद-बिक्री की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल विशेष टीम गठित कर निगरानी शुरू कर दी।

करीब दोपहर 12:30 बजे संयुक्त टीम ने होटल में छापा मारा। तलाशी के दौरान कमरे नंबर 203 में मौजूद तीन व्यक्तियों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान एक काले प्लास्टिक बैग से लगभग 30 मॉनिटर लिजार्ड के अंग बरामद हुए। बरामदगी के बाद टीम ने मौके पर ही तीनों को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मामले से अनभिज्ञता जताई, लेकिन होटल प्रशासन से मिली जानकारी ने जांच को नया मोड़ दिया। होटल रिकॉर्ड के अनुसार कमरा नंबर 203 और 206 पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विष्णु कुमार गुप्ता के नाम पर बुक किए गए थे। अब जांच एजेंसियां इस कड़ी को भी खंगाल रही हैं और संभावित नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं।

कार्रवाई के बाद आरोपियों को डोरंडा स्थित वन प्रमंडल पदाधिकारी कार्यालय ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972, संशोधित 2022 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इस कानून के तहत वन्यजीवों के अंगों की तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।

वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य में सक्रिय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। विभाग का कहना है कि अवैध शिकार और वन्यजीव व्यापार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।