DoPT पोर्टल पर अपलोड हुआ IAS अफसरों की संपत्ति का ब्योरा, करोड़ों की प्रॉपर्टी का खुलासा

DoPT पोर्टल पर अपलोड हुआ IAS अफसरों की संपत्ति का ब्योरा, करोड़ों की प्रॉपर्टी का खुलासा

DoPT पोर्टल पर अपलोड हुआ IAS अफसरों की संपत्ति का ब्योरा, करोड़ों की प्रॉपर्टी का खुलासा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 14, 2026, 2:29:00 PM

केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारियों ने अपनी चल और अचल संपत्तियों का वार्षिक विवरण सार्वजनिक कर दिया है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए इस डेटा के अनुसार राज्य के 155 अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा साझा किया है. इन घोषणाओं से पता चलता है कि कई वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति झारखंड के अलावा बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी फैली हुई है.

मुख्य सचिव अविनाश कुमार की संपत्तियां कई शहरों में

1993 बैच के आईएएस और वर्तमान मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने अपने विवरण में पैतृक और स्वयं अर्जित संपत्तियों की जानकारी दी है. उनके नाम बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड क्षेत्र में करीब 1.18 एकड़ तथा लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि दर्ज है. इसके अलावा मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर में आवासीय जमीन, पटना के बोरिंग रोड में फ्लैट और पाटलिपुत्र कॉलोनी व दानापुर में प्लॉट भी शामिल हैं.

दिल्ली के द्वारका इलाके में उनका 1780 वर्ग फीट का चार बेडरूम वाला फ्लैट है, जिससे सालाना लगभग 5.76 लाख रुपये किराया प्राप्त होता है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित गोमती नगर में भी करीब 6000 वर्ग फीट भूमि का उल्लेख किया गया है. वहीं रांची के अशोक नगर में 1600 वर्ग फीट तथा धुर्वा में लगभग 7820 वर्ग फीट जमीन उनके नाम दर्ज है.

अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति

1991 बैच के अधिकारी शैलेश कुमार सिंह ने अपने विवरण में देवघर में एक मकान और रांची के सांगा क्षेत्र में लगभग 6000 वर्ग फीट जमीन होने की जानकारी दी है. 1992 बैच की निधि खरे ने गौतम बुद्ध नगर में करीब 1.19 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन के साथ रांची की ओल्ड एजी कोऑपरेटिव कॉलोनी में लगभग एक करोड़ रुपये का मकान और बड़ा प्लॉट होने का उल्लेख किया है.

1995 बैच के नितिन मदन कुलकर्णी के पास रांची के हरमू और अशोक नगर में दो आवासीय संपत्तियां दर्ज हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है. इसी बैच के अजय कुमार सिंह के नाम सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी द्वारा आवंटित लगभग 7883 वर्ग फीट का प्लॉट है.

वंदना दादेल, सुनील वर्णवाल और अन्य की संपत्तियां

1996 बैच की अधिकारी वंदना दादेल ने रांची के बरियातू क्षेत्र में लगभग 7500 वर्ग फीट जमीन और खेलगांव में 1600 वर्ग फीट का रो-हाउस घोषित किया है. 1997 बैच के सुनील कुमार वर्णवाल ने गौतम बुद्ध नगर में 500 वर्ग मीटर जमीन, रांची के सांगा में प्लॉट और खूंटी जिले के लोधमा में लगभग 58 डिसमिल जमीन का विवरण दिया है.

1998 बैच की अराधना पटनायक के पास कांके के सांगा में करीब 6000 वर्ग फीट जमीन, बरियातू में 1766 वर्ग फीट का मकान और पुडुचेरी में 1200 वर्ग फीट का पैतृक घर दर्ज है. वहीं इसी बैच के अधिकारी के.के. सोन के नाम भी सांगा क्षेत्र में 6000 वर्ग फीट जमीन बताई गई है.

पूजा सिंघल और अन्य अधिकारियों की संपत्तियां

2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल ने कोलकाता के राजरहाट में एक मकान, कांके के सुकुरहुट्टी में लगभग 7800 वर्ग फीट का प्लॉट और बरियातू स्थित ऑर्चिड बिल्डिंग में करीब 4500 वर्ग फीट का व्यावसायिक परिसर होने का उल्लेख किया है, जो उनके पति अभिषेक झा के नाम से दर्ज है. इसके अलावा नगड़ी क्षेत्र में भी संपत्ति है, जिससे सालाना करीब 13 लाख रुपये की आय होती है.

2002 बैच के अधिकारी मनीष रंजन ने पुणे, रांची और देहरादून में संपत्तियां होने की जानकारी दी है. 2008 बैच के अरवा राजकमल के नाम रांची के पुंदाग स्थित जयसुमन अपार्टमेंट में एक फ्लैट है. 2011 बैच के अधिकारी छवि रंजन के नाम कांके के ओयना क्षेत्र में फ्लैट दर्ज है. वहीं रांची के उपायुक्त और 2011 बैच के आईएएस मंजूनाथ भजंत्री ने बेंगलुरु और रांची के पिठौरिया में अपनी पत्नी के साथ संयुक्त संपत्ति का उल्लेख किया है.

दो अधिकारियों ने बताई ‘शून्य’ अचल संपत्ति

जहां अधिकांश अधिकारियों ने जमीन, मकान या फ्लैट होने की जानकारी दी है, वहीं दो आईएएस अधिकारियों ने अपने विवरण में किसी भी अचल संपत्ति के स्वामित्व से इनकार किया है. इनमें 1996 बैच के मस्त राम मीणा और 2005 बैच के ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवास शामिल हैं.

चार अधिकारियों ने अब तक नहीं दी जानकारी

केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आईएएस अधिकारियों को 31 जनवरी 2026 तक अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य था. इस प्रक्रिया के तहत झारखंड कैडर के 155 अधिकारियों ने जानकारी उपलब्ध करा दी है. हालांकि चार अधिकारियों; विनय कुमार चौबे, संजय कुमार, मनोहर मरांडी और कृष्ण कुमार सिंह ने अभी तक अपना विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है.