कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग का बड़ा कदम, पीड़ितों को मिलेगा प्रतिकर

कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग का बड़ा कदम, पीड़ितों को मिलेगा प्रतिकर

कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग का बड़ा कदम, पीड़ितों को मिलेगा प्रतिकर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 26, 2026, 4:03:00 PM

झारखंड सरकार ने राज्य में अपराध से प्रभावित लोगों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से झारखंड पीड़ित प्रतिकर योजना 2016 लागू कर रखी है। इस योजना के तहत किसी भी प्रकार के अपराध से हुई शारीरिक, मानसिक या अन्य क्षति की स्थिति में पीड़ित या उसके आश्रितों को न्यूनतम निर्धारित मुआवजा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

अलग-अलग अपराधों के लिए तय न्यूनतम सहायता राशि

योजना में अपराध की प्रकृति के अनुसार प्रतिकर राशि निर्धारित की गई है। प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:

  • तेजाब हमले से घायल व्यक्ति को न्यूनतम 3 लाख रुपये।

  • बलात्कार के मामलों में 3 लाख रुपये।

  • नाबालिग के शारीरिक शोषण पर 2 लाख रुपये।

  • मानव तस्करी से पीड़ित के पुनर्वास के लिए 1 लाख रुपये।

  • यौन उत्पीड़न (बलात्कार से अलग मामलों) में 50 हजार रुपये।

  • किसी भी अपराध में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये।

  • 80% या उससे अधिक स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपये।

  • 40% से 80% आंशिक विकलांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये।

  • तेजाब हमले को छोड़कर शरीर का 25% से अधिक जलना होने पर 2 लाख रुपये।

  • भ्रूण हानि पर 50 हजार रुपये।

  • प्रजनन क्षमता समाप्त होने की स्थिति में 1.5 लाख रुपये।

  • सीमा पर दोतरफा फायरिंग से प्रभावित महिला की मृत्यु या 80% से अधिक विकलांगता पर 2 लाख रुपये, जबकि 40% से अधिक आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये।

  • किसी अंग की क्षति से 40% से कम विकलांगता होने पर 50 हजार रुपये।

  • बाल पीड़ित को साधारण चोट या क्षति पर 10 हजार रुपये।

  • अन्य मामलों में पुनर्वास सहायता के लिए 50 हजार रुपये।

कैसे तय होती है मुआवजा राशि

प्रतिकर की अंतिम राशि का निर्धारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा किया जाता है। इसमें पीड़ित को हुई वास्तविक क्षति, इलाज पर खर्च, अंतिम संस्कार व्यय (यदि लागू हो) और पुनर्वास की आवश्यकता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।

आवेदन की प्रक्रिया

इस योजना का लाभ लेने के लिए पीड़ित या उसके आश्रित संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर सकते हैं।

नाबालिगों के लिए विशेष प्रावधान

यदि पीड़ित की आयु 14 वर्ष से कम है, तो निर्धारित प्रतिकर राशि में 50 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जा सकती है।

इस योजना का उद्देश्य अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को त्वरित आर्थिक सहारा देकर उनके पुनर्वास की राह आसान करना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से उबर सकें।