भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इस संबंध में उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि भारत की जनगणना विश्व में अपनी सटीकता और व्यवस्थित पद्धति के लिए जानी जाती है। यह एक व्यापक और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो संविधान की सातवीं अनुसूची के संघ सूची में शामिल है और जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत संचालित होती है। इसके आंकड़े सरकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के वितरण और निर्वाचन क्षेत्रों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्ष 1872 से शुरू हुई यह प्रक्रिया 2027 में 16वीं बार आयोजित होगी, जबकि स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना होगी।
इस बार जनगणना को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। पहले चरण में आवासीय ढांचे और मकानों से जुड़ी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके तहत 1 मई से 15 मई 2026 तक लोगों को स्व-गणना की सुविधा दी जाएगी, जिसमें वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर विवरण का संग्रह और सत्यापन करेंगे।
वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलने वाला है। इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जहां मोबाइल एप के माध्यम से डेटा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए 33 प्रश्नों का एक निर्धारित प्रारूप तैयार किया गया है, जिनके आधार पर जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रशासन ने लोगों को स्व-गणना के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया है, जहां निर्धारित समय के भीतर अपनी जानकारी भरी जा सकती है। इसके बाद संबंधित कर्मी घर जाकर इन सूचनाओं का सत्यापन करेंगे, जिससे समय की बचत के साथ-साथ आंकड़ों की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी।
बताते चलें ki लोहरदगा जिले में जनगणना के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। जिले को कुल 8 चार्ज क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें 7 ग्रामीण और 1 शहरी क्षेत्र शामिल है। ग्रामीण इलाकों के 353 गांवों में 785 प्रगणक ब्लॉक बनाए गए हैं, जबकि शहरी क्षेत्र के 23 वार्डों में 881 ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं।
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण भी शुरू हो चुका है। 27 अप्रैल से शुरू हुई ट्रेनिंग 9 मई 2026 तक जारी रहेगी। इस कार्य में 912 प्रगणक, 160 पर्यवेक्षक और 15 प्रशिक्षक तैनात किए गए हैं। साथ ही सभी क्षेत्रों का जियो-टैगिंग और सीमांकन कार्य पूरा कर लिया गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान उपायुक्त ने आम नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग स्व-गणना का लाभ उठाएं और प्रगणकों को सही जानकारी प्रदान करें, ताकि जनगणना की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, डीसीएलआर सुजाता कुजूर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिवनंदन बड़ाईक, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी समेत विभिन्न प्रखंडों के अधिकारी और नगर परिषद के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।