झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचने के बाद अब थम गई है। राज्य के 48 नगर निकायों में होने वाले चुनाव के लिए प्रचार अभियान शनिवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार तय समय के बाद शहर की गलियों में गूंज रहे लाउडस्पीकर और चुनावी शोर पूरी तरह बंद हो गए। पिछले करीब 15 दिनों से प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे थे।
हालांकि प्रचार थमने के बावजूद प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकते हैं और अपने पक्ष में मतदान की अपील कर सकते हैं। चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनावी सभाएं, नुक्कड़ नाटक, बाइक रैलियां और पैदल मार्च जैसे विभिन्न तरीके अपनाए। कई जगहों पर स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर मतदाताओं को साधने की कोशिश की गई।
मतदान 23 फरवरी को सुबह सात बजे से शुरू होगा। इससे एक दिन पहले यानी 22 फरवरी को सभी जिलों में बनाए गए डिस्पैच सेंटर से मतदान कर्मियों को मतपेटियां और अन्य जरूरी चुनाव सामग्री के साथ उनके निर्धारित केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
चुनाव को देखते हुए शनिवार शाम पांच बजे से 24 फरवरी सुबह सात बजे तक निकाय चुनाव क्षेत्रों में ड्राई डे घोषित किया गया है। इस दौरान शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सभी शराब दुकानें, बार, रेस्टोरेंट, कैंटीन और गोदाम बंद रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि मतदाताओं को शांतिपूर्ण माहौल मिल सके।