उत्पाद नीति पर सियासी घमासान, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर 'वसूली तंत्र' चलाने का लगाया आरोप

उत्पाद नीति पर सियासी घमासान, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर 'वसूली तंत्र' चलाने का लगाया आरोप

उत्पाद नीति पर सियासी घमासान, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर 'वसूली तंत्र' चलाने का लगाया आरोप
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 25, 2026, 3:08:00 PM

झारखंड की उत्पाद नीति 2022 को लेकर राज्य की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि नई नीति लागू होने के बाद शराब बिक्री में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुईं और आम उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक रकम ली गई। उनका कहना है कि कई जगह ग्राहकों ने विरोध किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार तक की शिकायतें सामने आईं।

मरांडी ने दावा किया कि यह पूरा खेल निचले स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे उच्च स्तर का संरक्षण मिला, जिसके चलते किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचा।

पूर्व उत्पाद सचिव की भूमिका पर भी उठे सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने तत्कालीन उत्पाद सचिव मनोज कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उनके अनुसार विभाग से हर महीने भारी रकम ऊपर तक पहुंचाई जाती थी। उन्होंने गुमला, चतरा और कोडरमा जैसे जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां से कथित रूप से अवैध वसूली की गई, जिससे सरकारी खजाने को क्षति हुई।

अधिकारियों के तबादले पर भी तंज

मरांडी ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे, उन्हें हटाने के बजाय महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार को ऐसे अधिकारियों पर इतना भरोसा है तो उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में ही पदस्थापित कर देना चाहिए, ताकि उनकी कार्यशैली का उपयोग वहीं किया जा सके।