रामनवमी जुलूस में डीजे प्रतिबंध पर सियासी घमासान, विधानसभा परिसर में गूंजे 'जय श्री राम' के नारे

रामनवमी जुलूस में डीजे प्रतिबंध पर सियासी घमासान, विधानसभा परिसर में गूंजे 'जय श्री राम' के नारे

रामनवमी जुलूस में डीजे प्रतिबंध पर सियासी घमासान, विधानसभा परिसर में गूंजे 'जय श्री राम' के नारे
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 18, 2026, 2:13:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के समापन दिवस पर राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही परिसर में विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा के पोर्टिको में भाजपा और आजसू के विधायकों ने भगवान श्रीराम की तस्वीरें लेकर नारेबाजी की और हजारीबाग में रामनवमी जुलूस के दौरान डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ विरोध जताया।

विपक्षी नेताओं का आरोप था कि प्रशासन ने यह निर्णय विशेष समुदाय को ध्यान में रखकर लिया है। हजारीबाग के बड़कागांव क्षेत्र के महूदी में डीजे पर रोक को लेकर उन्होंने इसे जनभावनाओं के विपरीत बताया। भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि इस तरह के आदेश को स्थानीय लोग स्वीकार नहीं करेंगे और यह उनकी परंपराओं में हस्तक्षेप है।

प्रदीप प्रसाद ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को सदन के भीतर भी उठाएंगे। उनका कहना था कि ऐसे फैसले त्योहारों की पारंपरिक स्वरूप को प्रभावित करते हैं। विपक्षी विधायकों ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री से भी प्रतीकात्मक तौर पर रामनवमी के अवसर पर भागीदारी दिखाने की बात कही।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी प्रशासनिक प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महूदी क्षेत्र को संवेदनशील बताकर लगातार पाबंदियां लगाना चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई के बजाय क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर प्रतिबंधों को जायज ठहराया जा रहा है।

दूसरी ओर, सरकार की तरफ से मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामनवमी मनाने पर कोई रोक नहीं है, बल्कि केवल डीजे के उपयोग को सीमित किया गया है। इसके पीछे न्यायालय के दिशा-निर्देश और स्वास्थ्य संबंधी पहलू भी जुड़े हुए हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई जनप्रतिनिधि माहौल बिगाड़ने या लोगों को भड़काने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने यह भी टिप्पणी की कि कुछ नए विधायकों को नियमों और व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी नहीं है, ऐसे में उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने सत्र के अंतिम दिन राजनीतिक तनातनी को और तेज कर दिया।