बिजली दरों पर सियासी घमासान, कांग्रेस नेता आलोक दुबे ने बाबूलाल मरांडी पर साधा निशाना

बिजली दरों पर सियासी घमासान, कांग्रेस नेता आलोक दुबे ने बाबूलाल मरांडी पर साधा निशाना

बिजली दरों पर सियासी घमासान, कांग्रेस नेता आलोक दुबे ने बाबूलाल मरांडी पर साधा निशाना
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 25, 2026, 6:51:00 PM

झारखंड में बिजली दरों में हालिया वृद्धि को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मरांडी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे तथ्यों को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयान दे रहे हैं।

दुबे ने सवाल उठाया कि भाजपा शासित राज्यों में बिजली दरों और अन्य महंगाई के मुद्दों पर मरांडी क्यों चुप रहते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बिहार का जिक्र किया और पूछा कि वहां शाम के समय बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के लिए कौन जिम्मेदार है। उनके अनुसार, यह दोहरी नीति का स्पष्ट उदाहरण है।

राज्य सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि शहरी उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 55 पैसे की वृद्धि एक संतुलित कदम है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि उपभोक्ताओं के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें। साथ ही, स्थायी शुल्क (फिक्स्ड चार्ज) को यथावत रखा गया है और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की व्यवस्था जारी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिल रही है।

केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए दुबे ने कहा कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं; जैसे गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम नागरिक पहले ही दबाव में है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा सीमित वृद्धि को लेकर आलोचना करना उचित नहीं है। उन्होंने मरांडी की टिप्पणियों को राजनीतिक अवसरवाद करार दिया।

आलोक दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के बयानों से झारखंड की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां महंगाई और शुल्क वृद्धि के मामलों पर चुप्पी साध ली जाती है, जबकि झारखंड के मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है।

उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि देश में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। दुबे ने यह भी दावा किया कि राज्य के अतीत में हुई अव्यवस्थाओं के लिए भाजपा और उसके नेताओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अंत में उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों को समझ रही है और समय आने पर राजनीतिक रूप से इसका जवाब देगी।