झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनावों से पहले आरक्षण सूची सामने आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निगमों के महापौर तथा नगर परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए घोषित आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकार चुनाव प्रक्रिया को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए मनमाने फैसले ले रही है।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने कहा कि आरक्षण रोस्टर तैयार करने में गंभीर खामियां नजर आ रही हैं, जो सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती हैं। उनके अनुसार, आरक्षण को जानबूझकर जटिल बनाया गया है ताकि विवाद खड़ा हो और स्थानीय निकाय चुनावों में और देरी की जा सके।
वहीं, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि चुनावों में विलंब भले हुआ हो, लेकिन आरक्षण तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घोषित सूची में सभी सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है और इसे संतुलन बनाकर तैयार किया गया है। JMM ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित और तथ्यहीन बताया।
पहले चुनाव के आधार पर तय हुआ आरक्षण
नगर विकास विभाग के निर्देशों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार नगर निकाय चुनावों को “पहला चुनाव” मानते हुए आरक्षण का निर्धारण किया है। इसी वजह से चक्रीय आरक्षण प्रणाली को लागू नहीं किया गया। राज्य में कुल 48 नगर निकाय हैं, जहां चुनाव कराए जाने हैं। इनमें 13 ऐसे निकाय शामिल हैं, जहां वर्ष 2020 से चुनाव लंबित हैं, जबकि रांची समेत अन्य नगर निगमों और निकायों में 2022 के बाद से चुनाव नहीं हो सके हैं। वार्ड स्तर पर आरक्षण तय करने के बाद अब महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण सूची जारी की गई है। सभी 19 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की घोषणा कर दी गई है।
इन निकायों में तय हुआ आरक्षण
राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार बंशीधरनगर नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला के लिए, मझिआंव नगर पंचायत अनारक्षित अन्य वर्ग के लिए, हुसैनाबाद नगर पंचायत अनुसूचित जाति के लिए तथा हरिहरगंज नगर पंचायत अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी तरह छतरपुर नगर पंचायत अनारक्षित अन्य और लातेहार नगर पंचायत अनुसूचित जनजाति अन्य के लिए आरक्षित है।
नगर परिषद अध्यक्ष पदों की बात करें तो गढ़वा नगर परिषद अनारक्षित अन्य, विश्रामपुर नगर परिषद अनारक्षित महिला, चतरा नगर परिषद अनारक्षित अन्य और झुमरी तिलैया नगर परिषद पिछड़ा वर्ग-2 (अन्य) के लिए आरक्षित घोषित की गई है।