जमुआ विधायक विवाद पर सियासी तकरार तेज, आलोक दूबे ने भाजपा पर साधा निशाना

जमुआ विधायक विवाद पर सियासी तकरार तेज, आलोक दूबे ने भाजपा पर साधा निशाना

जमुआ विधायक विवाद पर सियासी तकरार तेज, आलोक दूबे ने भाजपा पर साधा निशाना
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 10, 2026, 6:19:00 PM

जमुआ विधायक से जुड़े प्रकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष के बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र, मर्यादा और जनप्रतिनिधियों के सम्मान की बात करने से पहले पार्टी को अपने शासनकाल के रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए।

दूबे ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार का बचाव करते हुए उन्हें एक सुसंस्कृत और जनप्रतिनिधियों का आदर करने वाला अधिकारी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी पर बिना ठोस कारण आरोप लगाना न सिर्फ अनुचित है, बल्कि स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के भी खिलाफ है।

कांग्रेस नेता ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी को जनप्रतिनिधियों के सम्मान की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, भाजपा नेताओं की भाषा और रवैया उनकी वास्तविक राजनीतिक सोच को उजागर करता है।

उन्होंने केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर भी गंभीर आरोप लगाए। दूबे के मुताबिक, बीते वर्षों में प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों की अधिकांश कार्रवाई विपक्षी नेताओं पर केंद्रित रही है, जबकि सत्तारूढ़ दल से जुड़े मामलों में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखती।

इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम और हरियाणा जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कई बार जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार और प्रशासनिक मनमानी के मामले सामने आए, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने इस पर चुप्पी साधे रखी।

झारखंड सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए दूबे ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ शासन चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत की जांच और कार्रवाई के लिए व्यवस्थित प्रक्रिया मौजूद है। हालांकि, उनके अनुसार भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसे अहम सवालों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण के लिए भाजपा जिम्मेदार है।

अंत में दूबे ने कहा कि लोकतंत्र की सीख देने से पहले भाजपा को स्वयं लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि झारखंड में कांग्रेस और उसकी सहयोगी सरकार जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या दुर्व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।