पुलिसकर्मियों के चंदे पर उठे सवाल, एसोसिएशन की कार्यप्रणाली कटघरे में

पुलिसकर्मियों के चंदे पर उठे सवाल, एसोसिएशन की कार्यप्रणाली कटघरे में

पुलिसकर्मियों के चंदे पर उठे सवाल, एसोसिएशन की कार्यप्रणाली कटघरे में
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 14, 2026, 10:03:00 AM

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित कुमार रजक ने शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों से जुड़े अहम मुद्दों को दरकिनार कर संगठनात्मक संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

रजक ने कहा कि एसोसिएशन का मूल उद्देश्य पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की समस्याओं का समाधान करना था, लेकिन वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाओं, पदोन्नति और शिकायत निवारण जैसी आवश्यक मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, संगठन का ध्यान कर्मचारियों के हितों से हटकर अन्य गतिविधियों पर केंद्रित हो गया है।

उन्होंने संगठन के वाहनों के इस्तेमाल को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका दावा है कि एसोसिएशन की गाड़ियों का उपयोग निजी कार्यों में किया जा रहा है, जिससे संगठन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ा है। रजक के मुताबिक, बीते एक वर्ष में वाहनों की मरम्मत पर लगभग एक लाख रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा निजी वाहनों में ईंधन खर्च के नाम पर हर महीने बड़ी राशि खर्च होने का भी आरोप लगाया गया है।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि संगठन के फंड का स्रोत पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया चंदा है, इसलिए इसकी एक-एक राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सदस्यों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, तब संगठनात्मक धन का इस तरह उपयोग कैसे उचित ठहराया जा सकता है।

इन आरोपों के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन की कार्यप्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है। राज्यभर के कई पुलिसकर्मी संगठन की वित्तीय व्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, एसोसिएशन को हर वर्ष लाखों रुपये चंदे के रूप में प्राप्त होते हैं और अब इन पैसों के उपयोग को लेकर जवाबदेही की मांग तेज हो रही है।