धनबाद के कुख्यात इलाके वासेपुर में सोमवार तड़के पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया। सुबह करीब पांच बजे शुरू हुए इस विशेष अभियान में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया, जिन्हें लगभग 20 अलग-अलग टीमों में बांटकर एक साथ कार्रवाई के लिए उतारा गया। एक ही समय पर 15 से ज्यादा मोहल्लों में दबिश पड़ने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह अभियान गैंगस्टर प्रिंस खान से जुड़े शूटरों द्वारा अत्याधुनिक हथियारों की खरीद और उनकी वासेपुर में मौजूदगी की ठोस जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया। खुफिया इनपुट में AK-47 और AK-56 जैसी घातक राइफलों के इलाके में आने की आशंका जताई गई थी। साथ ही, बाहर से आए शूटरों के छिपे होने की खबर ने पुलिस को तत्काल और व्यापक कार्रवाई के लिए प्रेरित किया।
अभियान के तहत पुलिस की टीमें निषाद नगर, मिल्लत कॉलोनी, कबड्डी पट्टी, नीचे बाजार, करीमगंज-मारूफगंज, कमर मखदूमी रोड, गुलजारबाग, जोनल ट्रेनिंग स्कूल क्षेत्र, शमशेर नगर, रहमतगंज सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में सक्रिय रहीं। संदिग्ध घरों, संभावित ठिकानों और अपराधियों की आवाजाही वाले मार्गों पर कड़ी निगरानी रखते हुए गहन तलाशी ली जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में प्रिंस खान गिरोह की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं, जिसके चलते पुलिस ने यह निर्णायक कदम उठाया। हाल ही में गैंग से जुड़े एक सदस्य द्वारा धनबाद के एक कोयला कारोबारी से रंगदारी मांगे जाने की सूचना भी सामने आई थी। बताया जाता है कि प्रिंस खान विदेश, खासकर दुबई से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है और चतरा, पलामू, रांची व जमशेदपुर जैसे शहरों के कारोबारियों को भी निशाना बना चुका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष अभियान का उद्देश्य न सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी और अवैध हथियारों की बरामदगी है, बल्कि प्रिंस खान गिरोह की पूरी आपराधिक संरचना को जड़ से खत्म करना भी है।