देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और ईंधन की खपत कम करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब जनप्रतिनिधियों के व्यवहार में भी दिखाई देने लगा है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने शहरी क्षेत्रों में अपने आवागमन के तरीके में बदलाव करने का निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि अब शहर के भीतर अधिकतर यात्राएं दोपहिया वाहन से करने की कोशिश करेंगे।
मंगलवार को संजय सेठ ने इस पहल की शुरुआत करते हुए रांची शहर में विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए बाइक का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा से जुड़े दबावों को देखते हुए ईंधन की बचत समय की जरूरत बन चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील किए जाने के बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर यह कदम उठाने का फैसला किया।
संजय सेठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश चारपहिया वाहन का उपयोग करना पड़े, तब भी उनके काफिले में गाड़ियों की संख्या सीमित रखी जाएगी। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने लोगों से भी अपील की कि छोटी दूरी तय करने के लिए बाइक, स्कूटी, साइकिल या सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। उनके मुताबिक, इससे न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर उठाए गए छोटे कदम सामूहिक रूप से बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यही कारण है कि ऊर्जा संरक्षण को केवल सरकारी नीति नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान बनाना जरूरी है।
मंत्री की इस पहल को लेकर सोशल मीडिया पर कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। लोगों ने इसे जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बताते हुए सराहा। कई यूजर्स ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं ऐसे कदम उठाएं, तो आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की थी। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचत और ऊर्जा संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए लोगों से जीवनशैली में छोटे बदलाव अपनाने का आग्रह किया था।