पेट्रोल-डीज़ल कीमतों को लेकर कांग्रेस का विरोध, केंद्र पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

पेट्रोल-डीज़ल कीमतों को लेकर कांग्रेस का विरोध, केंद्र पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

पेट्रोल-डीज़ल कीमतों को लेकर कांग्रेस का विरोध, केंद्र पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 15, 2026, 3:24:00 PM

पेट्रोल और डीज़ल पर उत्पाद शुल्क में कमी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने आरोप लगाया कि सरकार इस फैसले को जनता के हित में बताकर प्रचारित कर रही है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बड़े स्तर पर यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि ईंधन पर कर घटाकर आम लोगों को राहत दी गई है। लेकिन सरकारी अधिसूचना में ही यह स्पष्ट किया गया है कि पेट्रोल पंपों पर खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। उनके अनुसार, इससे साफ संकेत मिलता है कि टैक्स में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचेगा, बल्कि इसका उद्देश्य तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति को संभालना है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश पहले ही महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में ईंधन की कीमतें स्थिर रहने का असर परिवहन लागत पर पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव खाद्य पदार्थों, दवाओं, सब्जियों और दैनिक जरूरत की वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई देगा।

आलोक दूबे ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में आम जनता को राहत देना चाहती, तो कर में कटौती का असर सीधे पेट्रोल और डीज़ल के खुदरा दामों में दिखाई देता। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि यह कदम तेल कंपनियों को राहत देने के लिए उठाया गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के दौरान सरकार टैक्स बढ़ाकर अतिरिक्त राजस्व जुटाती है, लेकिन जब जनता को राहत देने का अवसर आता है, तब उपभोक्ताओं के बजाय कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दी जाती है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार प्रचार आधारित राजनीति कर रही है और ईंधन कर में कटौती का मौजूदा फैसला भी उसी रणनीति का हिस्सा है। उनके मुताबिक, यह कदम वास्तविक राहत से ज्यादा राजनीतिक संदेश देने के लिए उठाया गया है।

अंत में उन्होंने मांग की कि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से कमी की जाए ताकि बढ़ती महंगाई से परेशान लोगों को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनता का असंतोष और तेज हो सकता है।