झारखंड के दुमका जिले से पेंशन घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। मोहलबना पंचायत के कदमा गांव में छह महिलाएं अपने पति के जीवित होने के बावजूद पिछले 9-10 वर्षों से विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं। सोशल ऑडिट के दौरान जब यह गड़बड़ी उजागर हुई तो जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।
उपायुक्त के निर्देश पर रानीश्वर प्रखंड के बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा टीम के साथ गांव पहुंचे और भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान संबंधित महिलाओं के पति भी मौके पर मौजूद मिले। जब बीडीओ ने सख्ती से पूछा कि पति के जीवित रहते हुए विधवा पेंशन कैसे ली जा रही है, तो महिलाएं और उनके परिजन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
जांच में सामने आया कि बुलूवाला दासा, मालती मुर्मू, चुड़की मुर्मू, रेखा गोराई, सुकुरमुनी सोरेन और सुमिदा दत्तस ने नियमों के विपरीत पेंशन का लाभ लिया। प्रशासन के अनुसार, इनमें से एक महिला लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये तक की राशि प्राप्त कर चुकी है। अनुमान है कि छह महिलाओं द्वारा कुल मिलाकर 7 लाख रुपये से अधिक की सरकारी राशि ली गई है।
प्रशासन ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग और सुनियोजित धोखाधड़ी करार दिया है। जांच के दौरान मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता, पंचायत मुखिया, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक और पंचायत स्वयंसेवक भी मौजूद थे।
बीडीओ ने स्पष्ट कहा है कि दोषियों से पूरी राशि की वसूली की जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल एक पंचायत में छह मामले सामने आए हैं, लेकिन प्रखंड की अन्य पंचायतों में भी फर्जी लाभुकों की आशंका जताई जा रही है। पूरे प्रखंड में अब सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।