झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को अदालत से जमानत, अब तक 158 को मिली राहत

झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को अदालत से जमानत, अब तक 158 को मिली राहत

झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को अदालत से जमानत, अब तक 158 को मिली राहत
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 16, 2026, 1:53:00 PM

झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े चर्चित पेपर लीक मामले में न्यायालय से तीन आरोपियों को जमानत मिल गई है। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उत्तम कुमार, लफाज खान और रामजी अंसारी की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें राहत प्रदान की।

इस मामले में अब तक बड़ी संख्या में आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है। जानकारी के मुताबिक, कुल 158 अभियुक्त पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि 11 अप्रैल को पुलिस ने तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में विशेष अभियान चलाकर 166 लोगों को गिरफ्तार किया था।

जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला था, जो कथित तौर पर परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराने का काम कर रहा था। मामले में पांच मुख्य आरोपियों; अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम सामने आए थे। इन्हें गिरोह का प्रमुख सदस्य माना गया था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को उत्तर याद करवाने में जुटे थे। इसके लिए रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को ठहराया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और प्रवेश पत्र अपने कब्जे में लेकर गिरोह के लोग गतिविधियों को नियंत्रित कर रहे थे। कुछ उम्मीदवारों से सुरक्षा के तौर पर बैंक चेक भी लिए गए थे।

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस को सूचना मिली कि इलाके में संदिग्ध तरीके से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को इकट्ठा किया गया है। सूचना के आधार पर विशेष टीम ने देर रात छापेमारी की। मौके पर कई वाहन खड़े मिले और पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। हालांकि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 166 लोगों को हिरासत में लेने में सफलता हासिल की थी।

मामले को लेकर तमाड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और जांच एजेंसियां अब भी पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।