झारखंड भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, तीन जिलों में नये जिला अध्यक्षों की नियुक्ति

झारखंड भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, तीन जिलों में नये जिला अध्यक्षों की नियुक्ति

झारखंड भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, तीन जिलों में नये जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 12, 2026, 2:46:00 PM

झारखंड में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने तीन महत्वपूर्ण जिलों में नए जिला अध्यक्षों की घोषणा की है। पार्टी का मानना है कि इस बदलाव से जमीनी स्तर पर संगठन को नई गति मिलेगी और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा। यह निर्णय प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर लिया गया है।

पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दक्षिणी छोटानागपुर क्षेत्र के लोहरदगा जिले की जिम्मेदारी अजय पंकज को सौंपी गई है। वहीं धनबाद प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले बोकारो जिले के जिला अध्यक्ष के रूप में सुरेंद्र राज को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कोल्हान क्षेत्र के प्रमुख जिले पूर्वी सिंहभूम का नेतृत्व सत्या तिवारी को दिया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र में भाजपा की पकड़ अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है। ऐसे में पूर्वी सिंहभूम में नई जिम्मेदारी देकर संगठन को सक्रिय बनाने की रणनीति अपनाई गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में संगठन को और मजबूत करने के लिए कुछ और बदलाव भी किए जा सकते हैं।

इन नियुक्तियों से संबंधित आधिकारिक पत्र भाजपा के प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी तथा सांसद प्रदीप वर्मा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि सभी नई नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू होंगी। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि नए जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में बूथ स्तर तक संगठन की गतिविधियां तेज होंगी।

इस फैसले की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी भेज दी गई है। पत्र की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी.एल. संतोष, राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को प्रेषित की गई है।

उधर, नए जिला अध्यक्षों के नाम घोषित होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय नेताओं का मानना है कि नए नेतृत्व के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को और गति मिलेगी तथा जनता से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा।