कई जिलों में धड़ल्ले से हो रही अफीम की खेती, NCB अलर्ट के बाद एक्शन मोड में प्रशासन

कई जिलों में धड़ल्ले से हो रही अफीम की खेती, NCB अलर्ट के बाद एक्शन मोड में प्रशासन

कई जिलों में धड़ल्ले से हो रही अफीम की खेती, NCB अलर्ट के बाद एक्शन मोड में प्रशासन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 25, 2026, 9:59:00 AM

झारखंड में अफीम उन्मूलन को लेकर चलाए जा रहे सघन अभियानों के बावजूद अवैध खेती का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। हाल ही में प्राप्त सैटेलाइट चित्रों ने संकेत दिया है कि राज्य के कई इलाकों में अफीम की फसल न केवल बची हुई है, बल्कि कटाई के करीब भी पहुंच चुकी है। यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा जुटाई गई है, जिसने इस संबंध में राज्य की एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

एनसीबी ने इस मामले में झारखंड सीआईडी को औपचारिक पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। एजेंसी ने सैटेलाइट इमेज के साथ संदिग्ध स्थानों का विवरण साझा किया है, जहां अवैध रूप से अफीम की खेती होने के संकेत मिले हैं। इन चिन्हित क्षेत्रों की भौतिक जांच कर फसल को नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, ये सैटेलाइट तस्वीरें नई दिल्ली स्थित एनसीबी के अधिकारियों के माध्यम से एकत्र की गईं और डिजिटल फाइल के रूप में राज्य को भेजी गईं। तस्वीरों में दिए गए अक्षांश-देशांतर के आधार पर संबंधित स्थानों की पहचान कर स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि चतरा जिला इस अवैध गतिविधि का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां कई स्थानों पर अफीम की खेती के संकेत मिले हैं। इसके अलावा खूंटी, हजारीबाग, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में भी ऐसी गतिविधियां चिन्हित की गई हैं। रांची और पतरातू क्षेत्र में भी सीमित स्तर पर अफीम उत्पादन के प्रमाण सामने आए हैं।

हालांकि राज्य सरकार और प्रशासन ने पिछले कुछ समय में अफीम के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए हैं, लेकिन सैटेलाइट से मिली ताजा जानकारी बताती है कि तस्कर लगातार नए तरीकों से खेती को बचाने में जुटे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर अभी और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

एनसीबी ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि चिन्हित स्थलों की शीघ्र जांच कर अवैध फसल को नष्ट किया जाए और की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट उसे सौंपी जाए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा सकता है।