अनुसंधान और नवाचार से ही समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त होगा: राज्यपाल

अनुसंधान और नवाचार से ही समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त होगा: राज्यपाल

अनुसंधान और नवाचार से ही समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त होगा: राज्यपाल
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 29, 2026, 3:31:00 PM

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि जमशेदपुर की पहचान केवल एक औद्योगिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि दूरदर्शी सोच, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की मजबूत परंपरा के कारण देश और दुनिया में स्थापित हुई है। वे आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित छठे IEEE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICRTCST-26 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि इस गौरवशाली विरासत की नींव टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने रखी थी, जिन्होंने उद्योग को केवल मुनाफे का माध्यम न मानकर राष्ट्र निर्माण और समाज कल्याण से जोड़ा। शिक्षा, शोध, तकनीक और मानव कल्याण के क्षेत्र में टाटा समूह का योगदान आज भी प्रेरणा देता है।

उन्होंने झारखंड की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य प्राकृतिक और खनिज संसाधनों, सांस्कृतिक विविधता और युवा प्रतिभा से समृद्ध है। मौजूदा दौर में, जब पूरी दुनिया तेजी से तकनीकी बदलावों से गुजर रही है, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार किसी भी राज्य और देश के सतत तथा समावेशी विकास के लिए निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

राज्यपाल ने सम्मेलन के विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्मार्ट सिस्टम, साइबर-फिजिकल सिस्टम और उभरती डिजिटल तकनीकें न केवल वर्तमान की जरूरत हैं, बल्कि भविष्य की दिशा भी तय कर रही हैं। ये तकनीकें उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट प्रशासन और सामाजिक विकास को नई राह दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि IEEE जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा आयोजित सम्मेलन ज्ञान साझा करने के साथ-साथ वैश्विक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशने का मंच भी प्रदान करते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी सिर्फ डिग्रियां देने तक सीमित नहीं रह गई है। उन्हें अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक समाधान के केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपनी तकनीकी क्षमताओं का उपयोग समाज की वास्तविक चुनौतियों के समाधान में करें, क्योंकि अनुसंधान तभी प्रभावी होता है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, वोकल फॉर लोकल और विकसित भारत @2047 जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।