विपक्ष ने शीतकालीन सत्र का अंतिम दिन छात्रवृत्ति, तिलैया नहर और स्मार्ट मीटर के मुद्दों पर सरकार को घेरा

विपक्ष ने शीतकालीन सत्र का अंतिम दिन छात्रवृत्ति, तिलैया नहर और स्मार्ट मीटर के मुद्दों पर सरकार को घेरा

विपक्ष ने शीतकालीन सत्र का अंतिम दिन छात्रवृत्ति, तिलैया नहर और स्मार्ट मीटर के मुद्दों पर सरकार को घेरा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 11, 2025, 3:58:00 PM

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पांचवां और अंतिम दिन प्रश्नकाल के साथ शुरू हुआ। शुरूआत में ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रवृत्ति न मिलने की समस्या को उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र इस वजह से परेशान हैं और सरकार को इस मामले की तुरंत जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने धान खरीद प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि शिकायतें लगातार आ रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

तिलैया नहर योजना और स्मार्ट मीटर पर सवाल
बरकट्ठा के विधायक अमित यादव ने तिलैया नहर योजना की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस योजना का डीपीआर बनाने का निर्णय 2014–15 में लिया गया था, लेकिन अभी तक इसमें कोई वास्तविक कागजी प्रगति नहीं हुई है। वहीं, विधायक सुरेश बैठा ने स्मार्ट मीटर के कारण बढ़ रहे बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गरीब उपभोक्ताओं को अचानक बढ़े हुए बिल मिल रहे हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आश्वासन दिया कि जहां भी गड़बड़ी पाएगी, उसका तुरंत सत्यापन कर कार्रवाई की जाएगी।

पीडीएस दुकानदारों के कमीशन पर चर्चा
रांची के विधायक सीपी सिंह ने पीडीएस दुकानदारों को लंबित कमीशन भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 25 हजार दुकानदार अभी भी अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। इस पर मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मामला केंद्र सरकार के पोर्टल से जुड़ा है और तकनीकी कारणों से देरी हुई है। उन्होंने भरोसा दिया कि जल्द ही सभी दुकानदारों को उनका भुगतान कर दिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी केंद्र सरकार की उदासीनता की आलोचना की और कहा कि कई ग्रामीण योजनाएं इसी वजह से अटकी हुई हैं।

वित्त मंत्री का केंद्र पर निशाना
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में कहा कि केंद्रीय कोयला मंत्री ने राज्य के 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया मामलों पर चर्चा के लिए समिति बनाने का वादा किया था, लेकिन कई महीनों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और केंद्र को जल्द कदम उठाना चाहिए।