पेयजल घोटाले में नया मोड़! बयान से पलटा आरोपी क्लर्क, ईडी अफसरों पर लगाया मारपीट का आरोप

पेयजल घोटाले में नया मोड़! बयान से पलटा आरोपी क्लर्क, ईडी अफसरों पर लगाया मारपीट का आरोप

पेयजल घोटाले में नया मोड़! बयान से पलटा आरोपी क्लर्क, ईडी अफसरों पर लगाया मारपीट का आरोप
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 14, 2026, 1:21:00 PM

पेयजल विभाग में करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी से जुड़े बहुचर्चित मामले में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। इस घोटाले के आरोपी क्लर्क संतोष कुमार ने जांच के दौरान पहले दिए गए अपने बयान से पूरी तरह पलटते हुए अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उसने स्थानीय पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिससे ईडी और पुलिस के बीच पहले से जारी कानूनी तनातनी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

दरअसल, पेयजल विभाग में फर्जी भुगतान और अवैध निकासी के मामले में पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू करते हुए ईसीआईआर दर्ज की थी। जांच में यह बात सामने आई कि संतोष कुमार ने फर्जी कंपनियां बनाकर करीब 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की थी। इसी आधार पर ईडी ने उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

जेल में बंद रहने के दौरान ईडी की टीम ने संतोष कुमार से पूछताछ की थी। उस दौरान दर्ज कराए गए बयान में उसने विभाग के इंजीनियरों और कई वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता की बात स्वीकार की थी। बाद में, इसी बयान के आधार पर आगे की जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए, जिसके चलते ईडी ने उससे दोबारा पूछताछ करने का निर्णय लिया।

ईडी की ओर से कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद संतोष कुमार पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुआ। अंततः 12 जनवरी को वह दोपहर में ईडी कार्यालय पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, इस बार पूछताछ के दौरान उसने जेल में दिए गए अपने पुराने बयान से इनकार कर दिया और कहा कि उसे घोटाले से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी नहीं है।

जब जांच अधिकारियों ने उससे संबंधित दस्तावेज दिखाकर सवाल पूछे, तो वह कथित तौर पर मानसिक दबाव में आ गया। इसी दौरान उसने कार्यालय में रखे पानी के जग को उठाकर खुद के सिर पर मारने की कोशिश की। अधिकारियों द्वारा रोकने के प्रयास के बावजूद उसके सिर में मामूली चोट आई। इसके बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चोट को हल्की बताते हुए उसे पूछताछ के लिए फिट घोषित किया।

मेडिकल जांच के बाद संतोष कुमार घर जाने के बजाय फिर से ईडी कार्यालय पहुंचा और अपना बयान दर्ज कराने पर सहमत हुआ। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे छोड़ दिया गया। हालांकि, इसके कुछ समय बाद ही उसने ईडी अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करा दी।

इस घटनाक्रम के बाद ईडी और स्थानीय पुलिस के बीच टकराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जमीन से जुड़े एक मामले में केस मैनेज करने के नाम पर ईडी अधिकारियों पर घूस लेने और मारपीट जैसे आरोपों में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। 

इन सभी मामलों को लेकर ईडी ने अपने खिलाफ दर्ज केसों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। हालांकि, इस याचिका पर अब तक अदालत की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।