IG पद के लिये नई शर्तें तय, 2011 बैच के बाद के IPS अफसरों को केंद्र में दो साल की प्रतिनियुक्ति जरूरी

IG पद के लिये नई शर्तें तय, 2011 बैच के बाद के IPS अफसरों को केंद्र में दो साल की प्रतिनियुक्ति जरूरी

IG पद के लिये नई शर्तें तय, 2011 बैच के बाद के IPS अफसरों को केंद्र में दो साल की प्रतिनियुक्ति जरूरी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 31, 2026, 11:39:00 AM

केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की पदोन्नति और नियुक्ति प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पुलिस महानिरीक्षक (IGP) स्तर पर केंद्र में नियुक्ति के लिए अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को अनिवार्य कर दिया है। यह प्रावधान पुलिस अधीक्षक (SP) और उप महानिरीक्षक (DIG) रैंक के उन IPS अधिकारियों पर लागू होगा, जो 2011 बैच या उसके बाद के हैं।

गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र के माध्यम से यह जानकारी दी। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब 2011 बैच से आगे के IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार में IGP या समकक्ष पद के लिए पैनल में शामिल होने हेतु SP/DIG या समकक्ष स्तर पर कम से कम दो वर्षों का केंद्रीय अनुभव होना आवश्यक होगा। मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने कैडर में कार्यरत सभी IPS अधिकारियों को इस संशोधित व्यवस्था से अवगत कराएं।

दरअसल, केंद्र सरकार लंबे समय से अखिल भारतीय सेवाओं (AIS) में अधिकारियों की कमी की समस्या से जूझ रही है। वर्ष 2021 में इसी कमी को देखते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें IAS, IPS और IFS अधिकारियों को राज्य सरकार की अनुमति के बिना केंद्र में प्रतिनियुक्त करने की बात कही गई थी। DoPT का तर्क था कि मौजूदा नियमों के बावजूद राज्य सरकारें पर्याप्त संख्या में अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए नामित नहीं कर रहीं, जिससे केंद्र की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। हालांकि, राज्यों के तीव्र विरोध के बाद यह प्रस्ताव लागू नहीं हो सका।

वर्तमान व्यवस्था के तहत किसी भी AIS अधिकारी को केंद्र में बुलाने से पहले उसकी सहमति और संबंधित राज्य सरकार की मंजूरी अनिवार्य होती है। इसके बावजूद केंद्रीय स्तर पर रिक्तियों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 23 दिसंबर तक SP स्तर के स्वीकृत 229 पदों में से 104 पद खाली थे, जबकि DIG स्तर पर स्वीकृत 256 पदों में से 69 पद रिक्त पड़े थे।