नेमरा गांव में पारंपरिक स्वशासन की अनोखी तस्वीर, CM हेमंत सोरेन बने ‘मांझी बाबा’ ग्राम प्रधान

नेमरा गांव में पारंपरिक स्वशासन की अनोखी तस्वीर, CM हेमंत सोरेन बने ‘मांझी बाबा’ ग्राम प्रधान

नेमरा गांव में पारंपरिक स्वशासन की अनोखी तस्वीर, CM हेमंत सोरेन बने ‘मांझी बाबा’ ग्राम प्रधान
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 17, 2026, 12:27:00 PM

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके पैतृक गांव नेमरा में पारंपरिक ग्राम स्वशासन व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार को नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री का संताली रीति-रिवाजों के अनुसार पारंपरिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने लगभग चार घंटे तक संताली समाज के लोगों के साथ समय बिताया और सामाजिक बैठक में भाग लिया।

नेमरा स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित ग्राम प्रधान कमेटी चयन सभा के दौरान पूरे गांव की मांझी हड़ाम कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में विभिन्न पदों के लिए लोगों का चयन कर उन्हें जिम्मेदारी दी गई। इसी क्रम में यह घोषणा की गई कि गांव के ‘मांझी बाबा’ यानी ग्राम प्रधान का दायित्व अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन निभाएंगे।

बैठक में अन्य पदों पर भी नियुक्तियां की गईं। बिरजू सोरेन को ‘प्राणिक बाबा’ उप ग्राम प्रधान, सुखदेव किस्कू को ‘भोगदो प्रजा’ कानूनी सलाहकार, चैतन्य टुडू को ‘नायके बाबा’ ग्राम प्रमुख पुजारी, काशीनाथ बेसरा को ‘कुडाम नायके बाबा’ नायके सहायक तथा विश्वनाथ बेसरा को ‘जोगा मांझी बाबा’ संदेशवाहक की जिम्मेदारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक मांझी बाबा की भूमिका निभाते हुए नए नायके बाबा को विधिवत सम्मानित भी किया। जानकारी के अनुसार पूर्व नायके बाबा सोहन सोरेन ने स्वास्थ्य कारणों के चलते पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्हें भी इस अवसर पर सम्मान प्रदान किया गया।

नेमरा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से भी मुलाकात की। बताया गया कि वे पिछले पांच वर्षों से लकवा से पीड़ित हैं। मुख्यमंत्री ने उनका हालचाल लिया और मौके पर मौजूद सिविल सर्जन नवल कुमार को इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया। साथ ही बेहतर चिकित्सा सुविधा और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।