राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को रांची स्थित लोक भवन में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (नेशनल डिफेन्स कॉलेज) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय को राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक चिंतन का अग्रणी केंद्र बताते हुए कहा कि इसकी समृद्ध परंपरा और योगदान ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।
संवाद के दौरान राज्यपाल ने झारखंड को शौर्य और बलिदान की भूमि बताते हुए कहा कि यह राज्य प्राकृतिक संसाधनों, खनिज भंडारों और विविध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है। उन्होंने जनजातीय समाज की जीवनशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के समुदाय प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने वाले, परिश्रमी और अतिथि-सत्कार की भावना से ओत-प्रोत हैं।
पर्यटन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि झारखंड के मनोरम जलप्रपात, झीलें और धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। खेलों की चर्चा में उन्होंने बताया कि हॉकी, तीरंदाजी और फुटबॉल जैसे खेलों में राज्य लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड की बेटियां भी विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रही हैं।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र पर बोलते हुए राज्यपाल ने स्वीकार किया कि इसमें सुधार की जरूरत है और राज्य इस दिशा में सतत प्रयास कर रहा है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली ‘लखपति दीदी योजना’ को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसकी सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मेजर जनरल हरतेज सिंह बजाज ने जानकारी दी कि दल में कुल 17 सदस्य शामिल हैं, जिनमें इथोपिया, बांग्लादेश, फ्रांस, ब्राज़ील और जापान से आए पांच विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह यात्रा झारखंड की सामाजिक, आर्थिक और सामरिक विशेषताओं का गहन अध्ययन करने के उद्देश्य से की जा रही है।
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने लोक भवन परिसर में स्थित उद्यान का भ्रमण किया। यह उद्यान हाल ही में आम नागरिकों के लिए खोला गया है और अपनी हरियाली व सौंदर्य के कारण आकर्षण का केंद्र बन रहा है।