नामकुम भूमि रिकॉर्ड विवाद में ACB जांच की रफ्तार अटकी, कोर्ट ने लिया संज्ञान
नामकुम भूमि रिकॉर्ड विवाद में ACB जांच की रफ्तार अटकी, कोर्ट ने लिया संज्ञान
झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर रांची के नामकुम अंचल में भूमि खरीद-बिक्री और राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई फिलहाल प्रशासनिक अनुमति के अभाव में आगे नहीं बढ़ सकी है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को हाईकोर्ट में हुई, जहां जांच की वर्तमान स्थिति अदालत के समक्ष रखी गई।
सुनवाई के दौरान ACB ने अदालत को जानकारी दी कि संबंधित अंचल अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक स्तर की जांच पूरी कर ली गई है। हालांकि, औपचारिक रूप से प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry-PE) दर्ज करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी गई है, लेकिन अब तक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। इसी कारण जांच की अगली प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
ACB की इस जानकारी पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने भू-राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी तय किया कि मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी। याचिकाकर्ता थोमस साइमन साइरिल हंस की ओर से अधिवक्ता जोरेन जेडेंग सांगा ने अदालत में पक्ष रखा।
यह मामला नामकुम अंचल के डुंडु क्षेत्र स्थित एक भूमि से जुड़ा है, जहां दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया के दौरान मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इसी मुद्दे पर दायर याचिका की सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने 4 मई को ACB को पूरे प्रकरण की जांच का निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने पहले ही स्पष्ट किया था कि भूमि लेन-देन और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। अब सरकार की ओर से PE की अनुमति मिलने और अगली सुनवाई के बाद इस मामले में जांच की दिशा और स्पष्ट होने की संभावना है।