‘आंकड़े पूरे हैं तो डर क्यों?’ मॉक पोल पर भाजपा का इंडिया गठबंधन पर हमला
‘आंकड़े पूरे हैं तो डर क्यों?’ मॉक पोल पर भाजपा का इंडिया गठबंधन पर हमला
झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदान के दौरान किसी भी तकनीकी त्रुटि या वोट अमान्य होने की संभावना को समाप्त करने के लिए इंडिया गठबंधन ने अपने विधायकों के लिए विशेष अभ्यास सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस कदम को चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई बैठक में राज्यसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, पर्यवेक्षक अजय शर्मा, सांसद नासिर हुसैन, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश तथा गठबंधन प्रत्याशी प्रणव झा सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, चुनावी प्रबंधन और मतदान प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
इंडिया गठबंधन का दावा है कि उसके पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। गठबंधन नेताओं का कहना है कि झामुमो, कांग्रेस और सहयोगी दलों के साथ-साथ राजद और वामपंथी दलों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है, जिससे उनकी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
इसके बावजूद गठबंधन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। इसी उद्देश्य से 16 और 17 जून को मुख्यमंत्री आवास में सभी सहयोगी दलों के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। इन बैठकों के दौरान विधायकों को मतदान की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा, ताकि वास्तविक चुनाव के दिन किसी प्रकार की गलती न हो और प्रत्येक मत सही तरीके से दर्ज हो सके।
दूसरी ओर, भाजपा ने इस पूरी कवायद पर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष दल के वरिष्ठ नेता अमर बाउरी ने कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत को लेकर पार्टी आश्वस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि इंडिया गठबंधन के पास वास्तव में स्पष्ट बहुमत है, तो फिर इतनी तैयारियों और अभ्यास की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
राज्यसभा चुनाव के मतदान से पहले दोनों राजनीतिक खेमे अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें 18 जून पर टिकी हैं, जब मतदान के जरिए यह स्पष्ट होगा कि राजनीतिक दावों और वास्तविक समर्थन में कितना अंतर है।