MGM मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें बढ़ाने की तैयारी, मंजूरी मिलते ही 51 से बढ़कर 89 होंगी सीटें

MGM मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें बढ़ाने की तैयारी, मंजूरी मिलते ही 51 से बढ़कर 89 होंगी सीटें

MGM मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें बढ़ाने की तैयारी, मंजूरी मिलते ही 51 से बढ़कर 89 होंगी सीटें
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 10, 2026, 2:47:00 PM

जमशेदपुर स्थित कोल्हान क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सा संस्थान महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने विभिन्न विभागों में 38 अतिरिक्त सीटें जोड़ने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसे नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के मानकों के अनुसार आवश्यक तैयारियों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है, तो आगामी शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में पीजी सीटों की कुल संख्या 51 से बढ़कर लगभग 89 हो सकती है।

मौजूदा समय में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों को मिलाकर 51 पीजी सीटें उपलब्ध हैं। कॉलेज प्रबंधन ने सीटों में बढ़ोतरी के लिए पहले ही आवेदन जमा कर दिया है। प्रक्रिया के अगले चरण के तहत 14 मार्च को विश्वविद्यालय से संबंधित अधिकारियों की एक टीम संस्थान का निरीक्षण करने पहुंचेगी। इस दौरान कॉलेज में उपलब्ध बुनियादी ढांचे, संसाधनों और शैक्षणिक व्यवस्थाओं का आकलन किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं एनएमसी के तय मानकों के अनुरूप पाई जाती हैं, तो अगले सत्र से सीटें बढ़ाने की मंजूरी मिल सकती है।

प्रस्तावित योजना के अनुसार कॉलेज के कई विभागों में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाई जानी है। वर्तमान में फिजियोलॉजी विभाग में तीन, पैथोलॉजी में आठ, फार्माकोलॉजी में चार, ईएनटी में दो, चर्म रोग में दो, नेत्र रोग में दो, स्त्री एवं प्रसूति रोग (गायनिक) में नौ, एनेस्थीसिया में सात तथा मेडिसिन विभाग में एक पीजी सीट उपलब्ध है।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार का कहना है कि यदि सीटों में बढ़ोतरी होती है, तो इससे मेडिकल शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि कई विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को अक्सर इलाज के लिए अन्य शहरों या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि पीजी सीटों में इजाफा होने से न केवल अस्पताल की सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि रिसर्च और मेडिकल प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इसके साथ ही झारखंड के मेडिकल छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख करने की जरूरत भी कम पड़ेगी।