राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में हुए मनीष गोप हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सफलता मिली है। हिरासत में लिए गए शूटर सचिन यादव ने पूछताछ के दौरान पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
जांच के दौरान सामने आया कि इस वारदात में तुर्की निर्मित ‘जिगाना’ पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। यह आधुनिक अर्ध-स्वचालित हथियार अपनी उच्च फायरिंग क्षमता के लिए जाना जाता है और हाल के समय में कई गंभीर आपराधिक मामलों में इसका उपयोग देखा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि आपराधिक गिरोह अब पारंपरिक देसी हथियारों के बजाय उन्नत विदेशी हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के पीछे निजी दुश्मनी नहीं, बल्कि संगठित रंगदारी का मकसद था। फरार अपराधी प्रिंस खान, जिसे हैदर अली के नाम से भी जाना जाता है, ने विदेश में रहकर डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरी साजिश को अंजाम दिया। होटल संचालक से बड़ी रकम की मांग की गई थी और इनकार मिलने पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से गोलीबारी का निर्देश दिया गया। स्थानीय स्तर पर मौजूद सहयोगियों ने हमलावरों को होटल से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि घटना से पहले हमले की योजना एक बार विफल हो चुकी थी। पहली कोशिश में होटल बंद मिलने के कारण अपराधी लौट गए थे। बाद में दोबारा योजना बनाकर चार लोगों की टीम रांची पहुंची। तय रणनीति के तहत काउंटर पर मौजूद व्यक्ति को निशाना बनाना था, लेकिन निशाना चूकने पर वहां काम कर रहे कर्मचारी मनीष गोप को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए और हथियार व कपड़े एक सुनसान स्थान पर छिपा दिए।
मुख्य आरोपी सचिन यादव, जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष है, ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी और गलत संगत के कारण वह अपराध की दुनिया में आया। उसने बताया कि इस हत्या के लिए उसे मामूली रकम अग्रिम के तौर पर दी गई थी, जबकि शेष भुगतान बाद में करने का वादा किया गया था।
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। विशेष रूप से राणा राहुल सिंह नामक आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सकता है।