वन भूमि घोटाला मामले में बड़ा खुलासा, ACB ने अदालत में पेश किए पैसों के लेनदेन के साक्ष्य

वन भूमि घोटाला मामले में बड़ा खुलासा, ACB ने अदालत में पेश किए पैसों के लेनदेन के साक्ष्य

वन भूमि घोटाला मामले में बड़ा खुलासा, ACB ने अदालत में पेश किए पैसों के लेनदेन के साक्ष्य
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 05, 2025, 12:11:00 PM

हजारीबाग के बहुचर्चित वन भूमि घोटाले में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे की जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने कई गंभीर और चौंकाने वाले तथ्य प्रस्तुत किए। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि विनय चौबे और उनके करीबी विनय सिंह के परिवारों के बीच लगभग पांच करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन हुआ है, जो कथित रूप से अवैध आय का हिस्सा माना जा रहा है।

एसीबी ने विस्तार से बताया कि 1 मार्च 2010 से 9 जुलाई 2015 के बीच विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह की कंपनियों के माध्यम से विनय चौबे के साले शिपीज और प्रियंका के बैंक खातों में कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। वहीं वर्ष 2019 से 2023 के दौरान आपसी लेनदेन की राशि बढ़कर 73 लाख रुपये से अधिक हो गई। 2023 में ही कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए, जिनमें 14 लाख 25 हजार, 2.5 लाख और 76 हजार रुपये के तीन अलग-अलग ट्रांसफर हुए।

इन सभी वित्तीय साक्ष्यों को अदालत में प्रस्तुत करते हुए एसीबी ने IAS विनय चौबे को जमानत देने का कड़ा विरोध किया। एसीबी की दलीलों और जांच में सामने आए मनी ट्रेल से कोर्ट संतुष्ट हुआ और जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अब तक जमा किए गए सबूतों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि विनय चौबे इस कथित घोटाले में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

गौरतलब है कि वन भूमि घोटाले से जुड़े इस मामले में एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है। जांच एजेंसी ने इस केस में विनय चौबे के करीबी व्यवसायी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह सहित कुल 73 व्यक्तियों को नामजद आरोपी बनाया है।