झारखंड विधानसभा में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सरकार ने राज्यभर में 100 नए मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई शुरू करने की योजना है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस प्रस्ताव को पहले ही अपनी स्वीकृति दे चुके हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन नए स्कूलों को छह महीने के भीतर सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त हो जाएगी। प्रस्तावित विद्यालयों का संबंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा और उनकी रिपोर्ट झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बजट में छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने 12 लाख छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की घोषणा की है, ताकि विद्यालयी शिक्षा के दौरान उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सरकार का दावा है कि इन कदमों से राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा।