शराब घोटाले का मुख्य आरोपी नवीन केडिया की अग्रिम जमानत खारिज, संपत्ति कुर्की की तैयारी

शराब घोटाले का मुख्य आरोपी नवीन केडिया की अग्रिम जमानत खारिज, संपत्ति कुर्की की तैयारी

शराब घोटाले का मुख्य आरोपी नवीन केडिया की अग्रिम जमानत खारिज, संपत्ति कुर्की की तैयारी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 25, 2026, 3:52:00 PM

झारखंड के चर्चित शराब घोटाले में वांछित छत्तीसगढ़ के कारोबारी नवीन केडिया को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे उसके खिलाफ चल रही जांच और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

ट्रांजिट बेल के बाद हुआ गायब

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने केडिया को 8 जनवरी को गोवा के एक स्पा सेंटर से हिरासत में लिया था। अगले दिन उसे गोवा की अदालत में पेश किया गया, जहां से 12 जनवरी तक के लिए चार दिन की ट्रांजिट बेल मिली थी। अदालत ने साफ निर्देश दिया था कि तय अवधि के भीतर वह रांची में एसीबी के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेगा।

हालांकि जमानत मिलते ही वह लापता हो गया। न तो वह रांची पहुंचा और न ही जांच एजेंसी के सामने पेश हुआ। बाद में गोवा अदालत ने उसकी 5 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने का आदेश दिया।

छापेमारी बेअसर, विदेश भागने की आशंका

केडिया की तलाश में झारखंड पुलिस ने छत्तीसगढ़ स्थित उसके कई ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। एसीबी ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कराया है और सीबीआई के जरिए देश के सभी एयरपोर्ट्स को अलर्ट किया गया था। इसके बावजूद खुफिया रिपोर्टों में उसके विदेश भागने की आशंका जताई जा रही है।

जांच एजेंसी अब अदालत से अनुमति लेकर उसकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है, ताकि कानूनी दबाव बढ़ाया जा सके और उसे जांच में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा सके।

घोटाले में क्या हैं आरोप

नवीन केडिया छत्तीसगढ़ डिस्टलरी नामक देसी शराब बनाने वाली कंपनी का संचालक बताया जाता है। उस पर आरोप है कि पूर्व उत्पाद नीति के दौरान उसे झारखंड में आपूर्ति का ठेका मिला और उसकी कंपनी ने निम्न गुणवत्ता की शराब भेजी, जिसमें कांच के कण मिलने की भी शिकायतें सामने आईं। इस कथित गड़बड़ी से राज्य के उत्पाद विभाग को करीब 136 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अंदेशा जताया गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि केडिया का नाम तत्कालीन उत्पाद प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के करीबी के रूप में लिया जाता रहा है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।