CM हेमंत के नेतृत्व में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ, 46,555 हज़ार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार का होगा सृजन

CM हेमंत के नेतृत्व में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ, 46,555 हज़ार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार का होगा सृजन

CM हेमंत के नेतृत्व में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ, 46,555 हज़ार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार का होगा सृजन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 04, 2026, 10:28:00 AM

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम दौरे के बाद झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में निवेश और ग्रीन स्टील आधारित औद्योगिक विकास का नया अध्याय शुरू होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार के उद्योग विभाग को विभिन्न औद्योगिक समूहों और निवेशकों की ओर से कुल 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से जुड़े आशय पत्र (LoI) प्राप्त हुए हैं।

इन प्रस्तावों में नवीन जिंदल समूह द्वारा 70 हजार करोड़ रुपये और टाटा स्टील द्वारा 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा स्टील और पावर सेक्टर, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस कोटिंग एवं फिनिश्ड स्टील, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और सीमेंट उद्योग जैसे क्षेत्रों में कई कंपनियों ने झारखंड में निवेश के प्रति रुचि जताई है।

राज्य सरकार के अनुसार, टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह के साथ हुए समझौतों के अतिरिक्त उड़ीसा एलॉय स्टील, रुंगटा माइन्स, अमलगाम स्टील एंड पावर, बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जय सस्पेंशन लिमिटेड और अंबुजा सीमेंट लिमिटेड जैसी कंपनियों से भी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार का मानना है कि इस निवेश से झारखंड न केवल एक मजबूत स्टील हब के रूप में उभरेगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और अत्याधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान बना सकता है।

जीरो कार्बन और हाई क्वालिटी उत्पादन पर फोकस

इन परियोजनाओं का मुख्य लक्ष्य राज्य में जीरो कार्बन लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ते हुए उच्च गुणवत्ता वाले फिनिश्ड उत्पादों का निर्माण करना है। सरकार का कहना है कि झारखंड अब सिर्फ कच्चे माल का राज्य नहीं रहेगा, बल्कि नई तकनीकों के साथ क्लीन स्टील और स्मार्ट ऑटो कंपोनेंट्स की आपूर्ति करने वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा।

जिलों में संतुलित औद्योगिक विकास की योजना

मुख्यमंत्री के निर्देश पर निवेश को केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित न रखकर सभी जिलों में संतुलित औद्योगिक विस्तार का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में लातेहार जिले में स्टील और पावर सेक्टर के लिए उड़ीसा स्टील अलॉय लिमिटेड ने 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश का आशय पत्र भेजा है। इस योजना के तहत ब्लास्ट फर्नेस और डीआरआई (Direct Reduced Iron) यूनिट्स की स्थापना की जाएगी।

वहीं सरायकेला-खरसावां में रुंगटा समूह द्वारा 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश से स्टील, पावर और सीमेंट संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा रुंगटा माइन्स लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश भी प्रस्तावित किया है।

बोकारो और आदित्यपुर में उन्नत उद्योगों की तैयारी

बोकारो में बीएमडब्लू (BMW) इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा 1,070 करोड़ रुपये की लागत से कोल्ड रोल्ड फुल हार्ड कॉइल्स और Galvalume/ZAM कोटेड कॉइल्स के उत्पादन की योजना है। यह उत्पाद जंग-रोधी और टिकाऊ माने जाते हैं।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए पूर्वी सिंहभूम के आदित्यपुर में जय सस्पेंशन द्वारा 255 करोड़ रुपये के निवेश से लीफ और पैराबोलिक स्प्रिंग्स का निर्माण प्रस्तावित है।

इसके अलावा कांड्रा (पूर्वी सिंहभूम) में अमलगम स्टील द्वारा 4,980 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है, जो फिनिश्ड स्टील उत्पादन पर केंद्रित होगी।

इसी क्रम में सिंगापुर की सनशाइन ग्लोबल कैपिटल ने झारखंड में 10 मेगावाट एआई डेटा सेंटर के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव भी रखा है।

रोजगार के बड़े अवसर की उम्मीद

राज्य सरकार के मुताबिक इन निवेश परियोजनाओं से झारखंड में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर बनेंगे। अनुमान है कि कुल मिलाकर 46,555 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित हो सकती हैं।

प्रस्तावित रोजगार में उड़ीसा स्टील अलॉय से 20,000, रुंगटा समूह से 6,200, अमलगम स्टील से 3,000, बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज से 1,415, और जय सस्पेंशन से 2,500 से अधिक रोजगार अवसर मिलने की संभावना जताई गई है।

अत्याधुनिक तकनीक और ग्रीन एनर्जी पर जोर

निवेशकों ने झारखंड में आधुनिक तकनीक अपनाने की बात भी कही है। EASyMelt तकनीक के जरिए विद्युत ऊर्जा और सिनगैस का उपयोग कर कार्बन उत्सर्जन में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी लाने का दावा किया गया है। वहीं Hisarna तकनीक स्थानीय निम्न श्रेणी के लौह अयस्क का उपयोग करते हुए उत्सर्जन में 80 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है।

परियोजनाओं में सोलर प्लांट और ग्रीनफील्ड न्यूक्लियर प्लांट जैसी स्वच्छ ऊर्जा योजनाओं पर भी जोर दिया गया है। साथ ही, पर्यावरण अनुकूल उत्पादन के लिए ‘मिथाइल सल्फोनिक एसिड’ आधारित तकनीक और 85 प्रतिशत वाटर रीसाइक्लिंग को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

इसके अलावा गैल्वनाइज्ड, गैल्वल्यूम, ZAM और कलर-कोटेड स्टील जैसे उत्पादों के निर्माण पर भी फोकस किया जाएगा, जिनका उपयोग ऑटोमोबाइल, घरेलू उपकरण और निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होता है।

राज्य सरकार का दावा है कि इस निवेश के जरिए झारखंड औद्योगिक रूप से नए दौर में प्रवेश करेगा और आने वाले वर्षों में ग्रीन स्टील, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।