कोयले के बाद अब पानी बेचेगी BCCL! धनबाद से शुरू होगा 'कोल नीर' प्रोजेक्ट
कोयले के बाद अब पानी बेचेगी BCCL! धनबाद से शुरू होगा 'कोल नीर' प्रोजेक्ट
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) अपने व्यवसाय का दायरा बढ़ाते हुए अब पैकेज्ड पेयजल के क्षेत्र में कदम रखने जा रही है। धनबाद के पुटकी-बलिहारी क्षेत्र में कंपनी का पहला अत्याधुनिक वाटर बॉटलिंग प्लांट अंतिम चरण में है। लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना को 'कोल नीर' नाम दिया गया है, जिसे कोल इंडिया समूह की एक अनूठी पहल माना जा रहा है।
शनिवार को बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज अग्रवाल ने निर्माणाधीन संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों से प्लांट के संचालन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली। निरीक्षण के समय कंपनी के निदेशक (तकनीकी, योजना एवं परियोजना) संजय सिंह तथा निदेशक (वित्त) राजेश कुमार भी मौजूद रहे।
अधिकारियों के अनुसार, संयंत्र का उद्घाटन अगले सप्ताह किए जाने की योजना है। प्लांट में खदानों से प्राप्त भूमिगत जल को आधुनिक रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) तकनीक से शुद्ध कर बोतलबंद किया जाएगा। इस परियोजना के तहत 250 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर और एक लीटर क्षमता वाली पानी की बोतलों का उत्पादन होगा।
सीएमडी मनोज अग्रवाल ने बताया कि यह कोल इंडिया के अंतर्गत अपनी तरह की पहली परियोजना है। शुरुआती चरण में इस शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बीसीसीएल के कार्यालयों और अन्य संस्थानों में की जाएगी। इसके बाद भविष्य में इसे व्यावसायिक रूप से खुले बाजार में उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई गई है।
बीसीसीएल का मानना है कि यह पहल खनन क्षेत्रों में उपलब्ध भूमिगत जल के बेहतर उपयोग का उदाहरण बनेगी। साथ ही, कंपनी के लिए यह पारंपरिक कोयला उत्पादन से आगे बढ़कर नए व्यावसायिक अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो सकती है। 'कोल नीर' परियोजना के जरिए संसाधनों के प्रभावी उपयोग के साथ सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।