असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के बीच गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने सोमवार को विभिन्न इलाकों में जनसभाएं कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। अपने संबोधन में उन्होंने खासतौर पर चाय बागान से जुड़े मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई घोषणाएं कीं।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी को सत्ता मिलती है, तो चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 500 रुपये निर्धारित की जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हर महीने 2500 रुपये की सहायता राशि देने का वादा किया गया।
कल्पना सोरेन ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य के हर परिवार को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने अपने भाषण में सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।
मजबत विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने मतदाताओं से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष का मामला नहीं है, बल्कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों, सम्मान और आने वाले समय की दिशा तय करने वाला चुनाव है।
उल्लेखनीय है कि महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने की योजना पहले झारखंड में भी लागू की जा चुकी है। वहां 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाते हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले इस पहल की घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा की गई थी, जिसे अब असम में भी लागू करने का वादा किया जा रहा है।