JTET नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, 25 हजार अतिरिक्त शिक्षकों को मिल सकती है परीक्षा में शामिल होने की अनुमति
JTET नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, 25 हजार अतिरिक्त शिक्षकों को मिल सकती है परीक्षा में शामिल होने की अनुमति
झारखंड में शिक्षक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी पहल सामने आ सकती है। राज्य सरकार JTET (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) की नियमावली में व्यापक संशोधन पर विचार कर रही है, जिससे हजारों ऐसे शिक्षकों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं जो अब तक निर्धारित पात्रता शर्तों के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग को JTET से संबंधित नियमों की समीक्षा कर आवश्यक बदलावों का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य पात्रता के दायरे को विस्तारित करना है, ताकि केवल बीएड और डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों तक सीमित व्यवस्था के बजाय अन्य मान्य प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को भी परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिल सके।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो राज्य के लगभग 25 हजार शिक्षकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से विभिन्न शिक्षक संगठन पात्रता नियमों में संशोधन की मांग कर रहे थे और उनका कहना था कि कई प्रशिक्षित शिक्षक केवल तकनीकी कारणों से JTET में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
नियमों में बदलाव की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए विभाग आवेदन कार्यक्रम में भी संशोधन कर सकता है। फिलहाल JTET के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित है, लेकिन इसे आगे बढ़ाकर 20 जुलाई किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इससे पात्रता संबंधी नए प्रावधान लागू होने की स्थिति में अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर मिल सकेगा।
इसके अलावा, परीक्षा आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए सुधार विंडो (Correction Window) उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई जा रही है। इस सुविधा के माध्यम से उम्मीदवार आवेदन जमा करने के बाद अपने फॉर्म में हुई त्रुटियों को निर्धारित समयावधि के भीतर ठीक कर सकेंगे।
प्रस्तावित संशोधनों में आयु सीमा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव भी शामिल है। विचाराधीन प्रावधान के अनुसार 60 वर्ष तक की आयु वाले शिक्षक भी JTET परीक्षा में भाग लेने के पात्र हो सकते हैं। इससे उन कार्यरत शिक्षकों को लाभ मिलेगा जो आयु संबंधी सीमाओं के कारण अब तक इस परीक्षा से बाहर रह जाते थे।
राज्य में करीब 70 हजार शिक्षक ऐसे हैं जिनके लिए JTET उत्तीर्ण करना सेवा और पेशेवर प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नियमावली में संभावित बदलाव का प्रभाव बड़े स्तर पर दिखाई दे सकता है। शिक्षक संगठनों का मानना है कि इससे लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान होगा और बड़ी संख्या में शिक्षकों को समान अवसर प्राप्त होगा।
अब शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। यदि प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी मिल जाती है, तो JTET-2026 में अभ्यर्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। साथ ही, यह कदम राज्य के शिक्षकों के लिए नई संभावनाओं और पेशेवर उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर सकता है।