झारखंड में मार्च की शुरुआत जहां तेज गर्मी के लिए जानी जा रही थी, वहीं अब मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को राहत दे दी है। बीते कुछ दिनों में हुई बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कराई है। हालात यह हैं कि दिन का पारा सामान्य से करीब सात डिग्री और रात का तापमान लगभग पांच डिग्री तक नीचे चला गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस असामान्य बदलाव के पीछे पूर्वी बांग्लादेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रमुख कारण हैं। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों में मार्च महीने के दौरान ऐसा मौसम कम ही देखने को मिला है, जिससे यह बदलाव विशेष रूप से ध्यान खींच रहा है।
हालांकि, यह ठंडक ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में तापमान फिर से बढ़ेगा। अगले चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि संभव है। इसके बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 मार्च से राज्य के दक्षिणी जिलों—जैसे पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां—में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 26 से 28 मार्च के बीच कई इलाकों में तेज हवाएं चलने, बादलों की गर्जना और वज्रपात की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
राजधानी रांची में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां 27 और 28 मार्च को आंशिक बादल छाए रहने के साथ बारिश और गर्जन की संभावना है, जबकि इससे पहले 25 मार्च को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो रांची में अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 7.1 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो औसत से पांच डिग्री नीचे है। इसी तरह जमशेदपुर और बोकारो में भी अधिकतम तापमान सामान्य से क्रमशः 6.5 और 6.7 डिग्री कम दर्ज किया गया।