झारखंड विधानसभा में 6,450 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, सीएम हेमंत सोरेन बोले- अंगदान पर बनेगा कानून

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का शुक्रवार को तीसरा दिन राजनीतिक और नीतिगत रूप से काफी अहम रहा। सदन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6 हजार 450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया,

झारखंड विधानसभा में 6,450 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, सीएम हेमंत सोरेन बोले- अंगदान पर बनेगा कानून
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Feb 20, 2026, 6:38:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का शुक्रवार को तीसरा दिन राजनीतिक और नीतिगत रूप से काफी अहम रहा। सदन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6 हजार 450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया, जिसके साथ ही राज्य की विकास योजनाओं और प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा शुरू हुई। इस अनुपूरक बजट को सरकार ने विकास की रफ्तार बनाए रखने और विभिन्न विभागों की अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी बताया।

बहस के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड में भी अंगदान को लेकर ठोस कानूनी व्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ेगी। उनका कहना था कि आम लोगों का जीवन बचाना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में संवेदनशील व प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब राज्यपाल के अभिभाषण पर कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं आया। इसे उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर अप्रत्यक्ष सहमति बताया। उनके अनुसार राज्यपाल द्वारा रखी गई बातें धरातल पर दिख रही हैं और जनता खुद विकास कार्यों को महसूस कर रही है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले झारखंड दूसरे राज्यों की नीतियों को अपनाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है और अन्य राज्य झारखंड के कार्यों को देख रहे हैं। उन्होंने कहावत के जरिए तंज कसते हुए कहा कि “पेड़ बबूल का लगाएंगे तो आम कहां से फलेगा,” और दावा किया कि पिछली सरकारों की नीतियों के कारण समस्याएं खड़ी हुईं, जिन्हें उनकी सरकार सुधार रही है।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार की प्राथमिकता बताया। साथ ही धान क्रय नीति और किसानों के भविष्य पर भी विपक्ष से स्पष्ट रुख बताने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि विकास जमीन पर होता है और उनकी सरकार गांवों से संचालित विकास मॉडल पर काम कर रही है।