झारखंड के युवा बनें बदलाव के वाहक, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे शिक्षा : संतोष गंगवार

झारखंड के युवा बनें बदलाव के वाहक, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे शिक्षा : संतोष गंगवार

झारखंड के युवा बनें बदलाव के वाहक, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे शिक्षा : संतोष गंगवार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 25, 2026, 1:52:00 PM

रांची स्थित झारखंड राय विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल परीक्षा पास करने का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीक्षांत किसी शैक्षणिक यात्रा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है।


राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास, नैतिक मूल्यों की स्थापना और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और कौशल को देश और समाज के हित में उपयोग करने का आह्वान किया।

‘विकसित भारत @2047’ में युवाओं की भूमिका

उन्होंने कहा कि देश आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” का मंत्र नई दिशा दे रहा है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़कर रोजगार देने वाला बनने की प्रेरणा दी है।


राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा और नवाचार के क्षेत्र तेजी से अवसर पैदा कर रहे हैं। वैश्विक AI सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत तकनीकी नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, अनुकूलन क्षमता और रचनात्मक सोच युवाओं की सबसे बड़ी ताकत होगी।

सफलता से पहले मूल्य

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि पेशेवर उपलब्धियों के साथ ईमानदारी, करुणा और सामाजिक प्रतिबद्धता जैसे गुणों को जीवन में स्थान दें। उनके अनुसार वास्तविक सम्मान पद से नहीं, बल्कि कर्म और चरित्र से मिलता है।

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा वाला राज्य नहीं, बल्कि संघर्ष, संस्कृति और संभावनाओं की भूमि है। यदि राज्य के युवा अपने ज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में लगाएँ, तो झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

उच्च शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर

उन्होंने कहा कि राज्य की उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और लक्ष्य है कि यहाँ के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट संस्थानों की श्रेणी में आएँ। निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया और अनुसंधान, नवाचार तथा गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की बात कही।

अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने, असफलताओं से सीखने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि धैर्य और निरंतर परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता और जहाँ भी जाएँ, अपने परिवार, विश्वविद्यालय और राज्य का नाम रोशन करें।