झारखंड सरकार का वाणिज्यिक कर विभाग अपने डिजिटल ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। राज्य में जीएसटी और वैट से जुड़े तकनीकी तंत्र को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने के लिए विभाग ने विशेषज्ञ आईटी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस उद्देश्य से प्रस्ताव आमंत्रित करते हुए आरएफपी (Request for Proposal) जारी किया गया है।
विभाग का लक्ष्य है कि कर प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक विश्वसनीय और सुचारू बनाया जाए। इसके तहत जीएसटी संचालन, वैट एप्लिकेशन के रखरखाव, सिस्टम अपग्रेडेशन और आईटी संचालन जैसी सेवाओं के लिए अनुभवी एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी। चयन प्रक्रिया में कंपनियों की तकनीकी क्षमता और अनुभव को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
इस निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों के लिए कुछ सख्त पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक कंपनियों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत वार्षिक कारोबार से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक है। हालांकि, नई कंपनियों को आंशिक राहत देते हुए उनके गठन के बाद के वर्षों के औसत टर्नओवर को ही मान्य माना जाएगा।
इसके अतिरिक्त, कंपनियों के पास केंद्र या राज्य सरकार के विभागों अथवा सार्वजनिक उपक्रमों के साथ आईटी सेवाएं प्रदान करने का अनुभव होना जरूरी है। अनुभव का आकलन बोली खुलने वाले वर्ष के मार्च तक किया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक वर्ष के कार्य अनुभव को प्रमाणित करने के लिए संबंधित वर्क ऑर्डर या अनुबंध की प्रतियां जमा करना अनिवार्य किया गया है।
इस पहल से राज्य की कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे व्यापारियों को कर संबंधी कार्यों में आने वाली तकनीकी अड़चनों से राहत मिलेगी और राजस्व संग्रह में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।