पूरी तरह डिजिटल होगी झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी, RFID और ILMS से बदलेगी व्यवस्था

पूरी तरह डिजिटल होगी झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी, RFID और ILMS से बदलेगी व्यवस्था

पूरी तरह डिजिटल होगी झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी, RFID और ILMS से बदलेगी व्यवस्था
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 05, 2026, 4:05:00 PM

उच्च शिक्षा में तकनीक के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय (JRSU) ने अपनी लाइब्रेरी को अत्याधुनिक और पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में पहल शुरू की है। इसके तहत लाइब्रेरी में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक और इंटीग्रेटेड लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम (ILMS) लागू किया जाएगा। इस परियोजना के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने 30 लाख रुपये की स्वीकृति दी है, जिसे विश्वविद्यालय की वित्त समिति ने भी मंजूरी प्रदान कर दी है।

नई प्रणाली लागू होने के बाद लाइब्रेरी की अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से संचालित होंगी। किताबों का निर्गमन और वापसी, कैटलॉगिंग तथा अन्य प्रशासनिक कार्य तकनीक के जरिए किए जाएंगे। इससे छात्रों और शोधार्थियों को पुस्तकों के लिए लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

इस व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह होगा कि विद्यार्थी ऑनलाइन कैटलॉग के माध्यम से घर बैठे यह देख सकेंगे कि लाइब्रेरी में कौन-सी पुस्तक उपलब्ध है और कौन-सी किसी अन्य छात्र के नाम से जारी है। इससे लाइब्रेरी संसाधनों तक पहुंच अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी हो जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस पहल से छात्रों के अध्ययन और शोध कार्य को काफी बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में लगभग 2100 किताबें और करीब 13 हजार ई-जर्नल उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग विद्यार्थी और शोधार्थी करते हैं। नई तकनीकी व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी संसाधनों का उपयोग और भी आसान हो जाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) डॉ. हेमेंद्र कुमार भगत ने बताया कि लाइब्रेरी के ऑटोमेशन की यह पहल छात्रों को ध्यान में रखकर की जा रही है। आरएफआईडी और आधुनिक लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए छात्रों को पुस्तकों तक तेज और सरल पहुंच मिलेगी, जिससे उनके शोध और अध्ययन कार्य में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य शैक्षणिक माहौल को तकनीक के साथ आगे बढ़ाना है।

डॉ. भगत ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार लगातार किया जा रहा है। इसी शैक्षणिक सत्र से क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके लिए 13 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही मास मीडिया की परीक्षा भी जल्द आयोजित की जाएगी।

फिलहाल झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में लगभग 600 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। यहां तीन स्नातक, दो स्नातकोत्तर और एक पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि लाइब्रेरी के आधुनिक होने से छात्रों को पढ़ाई और शोध के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

उल्लेखनीय है कि रांची में अभी तक रांची विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय और एनयूएसआरएल (नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ) में ही इस तरह की आधुनिक लाइब्रेरी व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे में जेआरएसयू का यह कदम राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।