भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की रिक्त हो रही सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इस वर्ष का सबसे बड़ा राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को आयोजित किया जाएगा। अप्रैल महीने में राज्यसभा की कुल 37 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से 22 सदस्यों का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त होगा, जबकि 15 सदस्यों का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म होगा। इसके अलावा जून में 22 और नवंबर में 11 सीटें और रिक्त होंगी। ऐसे में साल 2026 राज्यसभा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है और उच्च सदन की तस्वीर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का राज्यसभा कार्यकाल भी 16 मार्च को समाप्त हो रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं मिजोरम से एक सांसद का कार्यकाल 19 जुलाई को पूरा होगा। दूसरी ओर झारखंड की एक राज्यसभा सीट पहले से ही रिक्त है। यह सीट झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी।
आगामी चुनावों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राज्यसभा के चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि विधायकों के वोट से होते हैं, इसलिए राज्यों की राजनीतिक स्थिति इस चुनाव में अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में केंद्र की राजनीति और विधायी समीकरणों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।