झारखंड पुलिस के वाहनों को निजी कार्यों के लिए लेना अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। विभाग ने पेट्रोल, डीज़ल, ल्यूब्रिकेंट्स और मोटर पार्ट्स की बढ़ती कीमतों को देखते हुए पुलिस वाहनों के किराया शुल्क में बदलाव किया है। डीजीपी के निर्देश पर आईजी प्रोविजन ने नई दरों से संबंधित आदेश जारी कर दिया है, जो 1 दिसंबर से प्रभावी हो गया है।
सफारी, इनोवा और स्कॉर्पियो का किराया बढ़ाकर 25 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है।
जेस्ट, टाटा टैगोर, बोलेरो, सुमो गोल्ड और एम्बेसडर की दर 12 रुपये से बढ़ाकर 16 रुपये प्रति किलोमीटर कर दी गई है।
बोलेरो, सुमो, जीप और जिप्सी का भाड़ा 10 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
टाटा जेनॉन और योद्धा 207 की दर में बड़ी बढ़ोतरी की गई है—10 रुपये से सीधे 20 रुपये प्रति किलोमीटर।
टाटा 407, 410 और 709 मिनी बस का किराया 16 रुपये से बढ़ाकर 36 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
बड़ी बसों और ट्रकों का भाड़ा संशोधित होकर 50 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
वाहन उपलब्ध कराने से पहले तय की गई अग्रिम सुरक्षित राशि जमा करना अनिवार्य रहेगा।
रात्रि में मुख्यालय से बाहर वाहन ले जाने के लिए उच्च अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।
यदि किसी वाहन का उपयोग अवैध गतिविधियों में पाया जाता है, तो चालक के साथ-साथ वाहन लेने वाले पुलिस कर्मी पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गाड़ी का आवंटन केवल सरकारी कार्य की आवश्यकता और वाहन की उपलब्धता के आधार पर ही किया जाएगा।
वाहन सिर्फ पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को ही किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
पुलिसकर्मी केवल अपने पैतृक जिले या संबंधित इकाई से ही वाहन किराए पर ले सकेंगे।
बस एवं मिनी बस को किसी भी स्थिति में मुख्यालय से बाहर उपयोग के लिए नहीं भेजा जा सकेगा।